निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग: स्टाफ को फर्जी तरीके से डिग्री देने पर ऊना की विवि को तीन लाख जुर्माना
राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग में इस मामले को लेकर हुई सुनवाई के बाद यह आदेश दिए गए हैं। आयोग ने यूजीसी, उच्च शिक्षा निदेशालय और पुलिस से आगामी कार्रवाई करने के लिए सिफारिश की है। विश्वविद्यालय पर आरोप है कि उनकी ओर से चार गैर शिक्षकों को नौकरी करने के साथ डिग्री दी गई।
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हिमाचल प्रदेश के ऊना की एक निजी यूनिवर्सिटी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विवि प्रबंधन पर फर्जी तरीके से नियमित स्टाफ को डिग्री देने, अनुभव के गलत सर्टिफिकेट देने और नियमों को अनदेखा कर छात्रवृत्ति लेने का आरोप है। राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग में इस मामले को लेकर हुई सुनवाई के बाद यह आदेश दिए गए हैं। आयोग ने यूजीसी, उच्च शिक्षा निदेशालय और पुलिस से आगामी कार्रवाई करने के लिए सिफारिश की है। विश्वविद्यालय पर आरोप है कि उनकी ओर से चार गैर शिक्षकों को नौकरी करने के साथ डिग्री दी गई। यूजीसी के नियमों को धता कर इस प्रक्रिया को पूरा किया गया। इस कार्य को करने के लिए विवि प्रबंधन की ओर से किसी भी अधिकृत संस्था से मंजूरी नहीं ली गई।
एक कर्मी को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने को अनुभव का झूठा प्रमाणपत्र दिया। असिस्टेंट एग्जामिनेशन डिपाटमेंट में कार्यरत कर्मी को कंप्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करने का अनुभव प्रमाणपत्र दिया गया। एक ऐसे शिक्षक को भी विवि में नियुक्ति दी गई है जिसने मानव भारती विश्वविद्यालय से एमटेक की डिग्री लेते हुए किसी अन्य संस्थान में सेवाएं देने का प्रमाणपत्र दिया। यह व्यक्ति एक साथ दो जगह किस प्रकार मौजूद रह सकता है। इस पर आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया। इसके अलावा एक ऐसे कर्मचारी के लिए विवि प्रबंधन ने अनुसूचित जाति जनजाति योजना की छात्रवृत्ति के लिए पैसा मांगा जो विवि में ही नेटवर्क विभाग में कार्यरत था।
आयोग ने छात्रवृत्ति मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। फर्जी तरीके से डिग्रियों के मामले की जांच के लिए यूजीसी को पत्र लिखा है। पुलिस महानिदेशक से ऊना में इंडस इंटरनेशनल विवि से जुड़े एक मामले में वर्ष 2019 में दर्ज एफआईआर की जांच में तेजी लाने की मांग भी की है। आयोग ने विवि प्रबंधन पर लगाए तीन लाख रुपये जुर्माने को आयोग के बैंक खाते में तीस दिन में जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने विवि प्रबंधन को भविष्य में सचेत रहने को भी कहा है।