सराहनीय पहल: निजी कंपनी ने पुलिस के कोरोना वॉरियरों को दिए तीन-तीन लाख
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के नेतृत्व में कंपनी के अधिकारियों ने तीन-तीन लाख रुपये की राशि के चेक परिवार के सदस्यों को सौंपे। इस अवसर पर डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि मैनकाइंड कंपनी और उनके मालिक राजीव जुनेजा ने असल मायने में मानवता की सेवा की है।
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कोरोना के दौर में अपनी सेवाओं को देने के दौरान जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश पुलिस के छह कर्मचारियों के परिजनों को नामी फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने पुलिस मुख्यालय के साथ मिलकर तीन-तीन लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के नेतृत्व में कंपनी के अधिकारियों ने तीन-तीन लाख रुपये की राशि के चेक परिवार के सदस्यों को सौंपे। सीआईडी में तैनात रहे इंस्पेक्टर धनी राम की नॉमिनी शकुंतला देवी, 5 आईआरबीएन बस्सी में तैनात रहे सहायक सब इंस्पेक्टर चंद्र शेखर की नॉमिनी आशा रानी, 3 आईआरबीएन पंडोह में तैनात रहे एचएचसी धमेश्वर की नॉमिनी कमलेश कुमारी, 1 बीएन जुंगा के कुक राम लाल की नॉमिनी खंपी देवी, मंडी में तैनात बार्बर घनश्याम की नॉमिनी उमावती और सोलन में तैनात सफाई कर्मी नंदा देवी के नॉमिनी देव राज ने चेक प्राप्त किए।
इस अवसर पर डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि मैनकाइंड कंपनी और उनके मालिक राजीव जुनेजा ने असल मायने में मानवता की सेवा की है। उन्होंने नेताओं और माता-पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि वो भी जो वायदे करते हैं वह सारे पूरे नहीं कर पाते, लेकिन कंपनी के प्रतिनिधियों ने जब तीन महीने पहले हुई मुलाकात में पहली बार तीन लाख रुपये देने की बात कही तो यकीन नहीं हुआ। लेकिन आज उन्होंने इस मिथक को तोड़ दिया है। इसके साथ ही डीजीपी के आग्रह पर जुनेजा ने आपदा व अन्य हादसों में पुलिस कर्मियों की मृत्यु पर आर्थिक सहायता के लिए एक फंड बनाने के लिए बीस लाख रुपये का सहयोग देने की भी हामी भर दी। खास बात यह है कि अभी तक जिन कोरोना वॉरियर पुलिस कर्मियों की मृत्यु कोविड से हुई है और जिनके प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय ने सरकार को भेजे हैं, उन पर सरकार निर्णय नहीं कर सकी है।