कंडा जेल में मोबाइल पर दो माह तक गेम खेलता रहा कैदी
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केंद्रीय आदर्श जेल कंडा में हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी से जो मोबाइल फोन बरामद किया गया, उसे वह अपने अंडरवियर में छिपाकर रखता था। जेल की सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध लग गई।
कैदी दो माह तक जेल में फोन से वीडियो गेम खेलता रहा, लेकिन जेल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। इसी मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को पूछताछ में कैदी जसवीर ने बताया कि करीब दो महीने पहले जेल में उससे मिलने आए परिचितों ने उसे मोबाइल फोन दिया था।
पुलिस को पता न चले, इसलिए वह मोबाइल फोन अंडरवियर में छिपाकर रखता था। हालांकि बड़ा सवाल यह उठता है कि इतने दिन तक जेल प्रशासन और पुलिस कर्मियों को कैदी के पास मोबाइल होने की भनक कैसे नहीं लगी।
जेल में सुरक्षा गार्डों और कैदियों में दोस्ताना माहौल
आखिर फोन को चार्ज भी तो करना पड़ता होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसमें जेल प्रशासन का कोई कथित कर्मचारी उसकी मदद करता रहा। हालांकि यह जांच का विषय है। बता दें कि 31 मई को कंडा में जेल प्रशासन ने बैरकों में सर्च ऑपरेशन चलाया था।
इस दौरान बैरक नंबर-2 में बंद कैदी जसवीर से चेकिंग के दौरान मोबाइल फोन बरामद हुआ था। जसवीर के अलावा बैरक में करीब 12 से 15 कैदी थे। सूबे की जेलों में पुराने दिनों की अपेक्षा मौजूद समय में जेल का माहौल बदल गया है।
जेल प्रशासन की ओर से कैदियों को सुधारने के लिए जेल के अंदर कई गतिविधियां करवाई जा रही हैं। कैदियों की आमदनी हो, इसके लिए कैदियों को जेल के बाहर भी भेजा जाता है, ताकि कैदी जेल से बाहर निकलकर एक सभ्य व्यक्ति बनें।