फाइल तैयार, खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षक, प्रिंसिपल होंगे सस्पेंड
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स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और जमा दो कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं में खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों और प्रिंसिपलों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। लगातार 3 साल तक 40 फीसदी से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों और प्रिंसिपल सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है।
बीते दिनों अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों और प्रिंसिपलों पर छह बिंदुओं के आधार पर कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है। 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम देने वाले सब्जेक्ट टीचर का जिले से बाहर तबादला किया जाएगा।
इन्हें सस्पेंड करने के अलावा चार्जशीट और वार्निंग जारी करने का भी फैसला लिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को इस बाबत पत्र जारी कर दिए हैं। सरकार ने शिक्षकों के रिक्त पदों से जूझ रहे स्कूलों में जल्द नियुक्तियां करने के आदेश भी जारी किए हैं।
मूलभूत सुविधाओं के अभाव वाले स्कूलों को चिन्हित करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में स्कूलों में सरकार संसाधन उपलब्ध करवाएगी।
इस आधार पर होगी कार्रवाई
- बीते तीन साल के दौरान जिन शिक्षकों और प्रिंसिपलों का औसत परीक्षा परिणाम 40 फीसदी से कम होगा। उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। सीसीएस रूल 14 के तहत इन्हें चार्जशीट भी किया जाएगा।
- ऐसे सभी शिक्षक और प्रिंसिपल जिनका साल 2016 का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है, उन्हें भी सस्पेंड किया जाएगा। इसके साथ उन्हें चार्जशीट भी किया जाएगा।
- जिन सब्जेक्ट टीचरों का परिणाम 30 फीसदी से कम है, उनका जिले से बाहर तबादला किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों को सरकार वार्निंग लेटर भी जारी करेगी।
इस वजह से भी होगी कार्रवाई
- दस फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों और प्रिंसिपलों के बीते 10 साल के रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। इनकी व्यक्तिगत पेशी भी होगी। टीजीटी और सीएंडवी की प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के पास, पीजीटी और लेक्चरर की उच्च शिक्षा निदेशक के पास और प्रिंसिपलों की अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा के पास पेशी होगी।
- जिन स्कूलों का परिणाम 30 फीसदी से कम होगा। वहां के प्रिंसिपलों का भी जिले से बाहर तबादला होगा। प्रिंसिपलों को सीसीएस रूल 16 के तहत चार्जशीट किया जाएगा।
- जिन स्कूलों का वार्षिक परिणाम 30 से 40 फीसदी के बीच होगा। ऐसे स्कूलों के प्रिंसिपलों को वार्निंग जारी की जाएगी। स्कूल रिकॉर्ड में भी प्रिंसिपलों का नाम दर्ज किया जाएगा।