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प्राथमिक शिक्षक संघ: हिमाचल में एक-एक शिक्षक के सहारे कई स्कूल, घट रही विद्यार्थियों की संख्या
Sat, 16 Sep 2023 07:44 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 16 Sep 2023 07:44 PM IST
सार
प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि प्रदेश में कई सरकारी स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक नियुक्त होने से विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है।
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स्कूल(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि प्रदेश में कई सरकारी स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक नियुक्त होने से विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सरकारी स्कूलों को पटरी पर लाने के लिए शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्यों में प्रतिनियुक्त करने पर रोक लगानी चाहिए। मिड-डे मील में रोज क्या बनेगा, इसके लिए स्थानीय एसएमसी को अधिकृत करना चाहिए। संघ ने तीसरी कक्षा से संस्कृत पढ़ाने का विरोध भी किया है।
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संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा, महासचिव संजय, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक के सचिव अशोक शर्मा, कोषाध्यक्ष कृष्णपाल शर्मा, उपाध्यक्ष नारायण शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रताप ठाकुर, महालेखाकार राजेश गुप्ता, महिला विंग की अध्यक्ष अनुराधा मोहिल, सह सचिव राकेश पटियाल, मुख्य संरक्षक राम सिंह राव और मुख्य सलाहकार बलदेव बुशैहरी ने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। जिन स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं वहां अध्यापक नियुक्त किया जाएं।
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बिना अध्यापकों के प्री प्राइमरी कक्षाओं को चलाना मुश्किल हो गया है। दो अध्यापकों को कम से कम सात-सात कक्षाएं पढ़ानी पढ़ रही हैं। अध्यापकों को कई तरह के गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया आ रहा है। शिक्षकों का आधा समय मिड-डे मील की व्यवस्था करने और डाक को बनाने में ही लग जाता है। इससे भी बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इस कारण स्कूलों में हर वर्ष बच्चों की संख्या घट रही है। संघ ने प्राथमिक पाठशालाओं में बच्चों के राशन के अनुपात को कम करने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
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अपर प्राइमरी में टीजीटी, प्राइमरी सेक्शन में प्राइमरी टीचर ही हो बीआरसीसी
हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि बीआरसीसी की नियुक्तियों करते समय प्राथमिक शिक्षकों के हितों का ध्यान अवश्य रखा जाए। प्राइमरी में प्राइमरी अध्यापक और अपर प्राइमरी में टीजीटी ही बीआरसीसी होना चाहिए।