एडीजी को राष्ट्रपति, एसपी समेत हिमाचल के 4 अफसरों को पुलिस पदक
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हिमाचल प्रदेश पुलिस के एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल समेत पांच पुलिस अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया है। एडीजी सीआईडी को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक मिला है। सराहनीय सेवाओं के लिए एसपी विजिलेंस ओमापति जम्वाल, एसपी वेलफेयर पीएचक्यू भगत सिंह ठाकुर, पीटीसी डरोह में तैनात सब इंस्पेक्टर सतपाल और एक एचपीएपी जुन्गा में तैनात एचएचसी राजेंद्र कुमार को पुलिस पदक से नवाजा गया है। वेणुगोपाल ने 25 साल के सेवाकाल के दौरान कई बड़े मामलों में अहम भूमिका अदा की। सहायक पुलिस अधीक्षक कांगड़ा रहते हुए उन्होंने फर्जी शस्त्र लाइसेंस स्कैंडल, अवैध विदेशी नकदी रैकेट जैसे मामलों की बेहतरीन जांच की, जिसकी वजह से बाद में आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से सजा भी हुई।
धर्मगुरु दलाईलामा की सुरक्षा व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव वेणुगोपाल ने ही किए, जिसके लिए तिब्बती सरकार और प्रदेश के डीजीपी ने सराहना की थी। 1999 में किन्नौर में भीषण बाढ़ के दौरान बतौर एसपी किन्नौर वेणुगोपाल ने बचाव कार्य की कमान खुद अपने हाथों में रखी और लोगों को बचाने के लिए मुश्किल हालात में भी टीम के साथ तीन महीने तक डटे रहे। नाथपा झाकड़ी में हुए श्रमिकों के उग्र आंदोलन को भी उन्होंने अपनी सूझबूझ से संभाला। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते तीन साल में कुल्लू के नौ दौरों को भी उन्होंने ही संभाला। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में भी एडीजी सीआईडी के पद पर रहते हुए उनका जोर वीवीआईपी सुरक्षा के साथ प्रदेश के ड्रग रैकेट की कमर तोड़ने पर है।
जम्वाल लाए नशा निवारण समिति का कांसेप्ट
सरकार के नशे के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के दौरान बतौर एसपी शिमला ओमापति जम्वाल नशा निवारण समिति का कांसेप्ट लेकर आए। यह कांसेप्ट इतना अच्छा साबित हुआ कि पुलिस मुख्यालय ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के आदेश जारी किए। इस स्कीम को 2019 में स्कॉच अवार्ड से भी नवाजा गया। वहीं, जम्वाल ने नशे के खिलाफ अभियान के दौरान चिट्टे पर ज्यादा फोकस किया और उनके कार्यकाल में पांच सौ से ज्यादा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। उनके कार्यकाल के दौरान 2018 में चौपाल थाना ऑल इंडिया स्तर पर छठे स्थान पर रहा।
सेंट्रल पुलिस कैंटीन स्थापित करने में रहा ठाकुर का अहम रोल
फील्ड में सख्त इमेज के साथ काम करने वाले ठाकुर ने बतौर एसपी वेलफेयर पुलिस कर्मियों के फायदे के लिए कई अहम कार्यों में बड़ा योगदान दिया। पुलिस मुख्यालय में बतौर एसपी वेलफेयर तैनात भगत सिंह ठाकुर का हिमाचल प्रदेश में 19 सेंट्रल पुलिस कैंटीन स्थापित करने में काफी मेहनत की। हादसों में पुलिस कर्मियों के मरने पर परिवार को होने वाले कष्ट को भी साझा करने का काम किया और पुलिस सैलरी पैकेज वाले सैलरी अकाउंट के लिए बैंकों के साथ एमओयू भी कराया। साथ ही इस दौरान पूर्व में हादसे का शिकार हुए पुलिस कर्मियों के परिवारों को भी इंश्योरेंस का मुआवजा दिलाने में अहम भूमिका अदा की।