फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Preparations to form new panchayats, 412 have neither secretary nor technical assistant

हिमाचल: नई पंचायतों को बनाने की तैयारी, 412 में न सचिव, न तकनीकी सहायक

Fri, 06 Dec 2024 12:03 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 06 Dec 2024 12:03 PM IST
सार

प्रदेश की 412 पंचायतों में न तो स्थायी पंचायत सचिव तैनात हैं, न ही तकनीकी सहायक। 2020 में बनाई गईं इन पंचायतों में अब तक स्थायी तौर पर ग्राम रोजगार सहायक और पंचायत चौकीदारों की भी तैनाती नहीं हो पाई है।

विज्ञापन
Preparations to form new panchayats, 412 have neither secretary nor technical assistant
पंचायत - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की 412 पंचायतों में न तो स्थायी पंचायत सचिव तैनात हैं, न ही तकनीकी सहायक। 2020 में बनाई गईं इन पंचायतों में अब तक स्थायी तौर पर ग्राम रोजगार सहायक और पंचायत चौकीदारों की भी तैनाती नहीं हो पाई है। 412 नई पंचायतों में से अधिकतर के पास पंचायत घर की सुविधा नहीं है। इस बीच प्रदेश में नई पंचायतों के गठन की कवायद शुरू हो गई है। 2020 में जिस समय इन पंचायतों का गठन हुआ, उस समय भाजपा की सरकार थी। मौजूदा कांग्रेस सरकार का भी दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है, लेकिन अब तक स्थायी कर्मचारियों का बंदोबस्त नहीं हो पाया है। बिना कर्मचारियों के अगर नई पंचायतें बनती हैं तो यह लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि असुविधा का कारण बनेंगी। मौजूदा समय में प्रदेश में एक पंचायत सचिव के पास दो से तीन पंचायतों का जिम्मा है।

विज्ञापन


तकनीकी सहायकों की भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति है। ग्राम रोजगार सहायकों की तैनाती न होने से पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम भी प्रभावित हो रहा है। आर्थिक संसाधनों की कमी से जूझ रहे प्रदेश में अगर नई पंचायतें बनती हैं तो सरकार पर नए पंचायत घर बनाने, कर्मचारियों को वेतन देने और पंचायत प्रतिनिधियों को मानदेय की अदायगी का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। खास बात यह है कि केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों को विकास कार्यों के लिए ग्रांट पंचायतों की संख्या नहीं, बल्कि आबादी के आधार पर जारी होती है। हिमाचल में पंचायतों की औसत आबादी 1700 के करीब है, जो सामान्य से काफी कम है। अगर नई पंचायतें बनाई जाती हैं तो केंद्र से मिलने वाली ग्रांट और भी कम हो जाएगी और पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed