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Shimla News: जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की तैयारियां शुरू, 10 को फैसला
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कांग्रेस और भाजपा ने बहुमत के दावों के बीच सदस्यों ने बढ़ाई सक्रियता, जिला पंचायत अधिकारी ने जारी किए नोटिस
बचत भवन में चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू होगी।
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से सभी जिला परिषद सदस्यों को चुनाव के संबंध में नोटिस जारी कर दिए हैं। 10 सितंबर को उपायुक्त अनुपम कश्यप की निगरानी में बचत भवन में यह चुनाव होगा। बचत भवन में सुबह 11 बजे शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया।
जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा दोनों ही संगठन बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस ने 12 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा 13 सदस्यों को मीडिया के सामने लेकर आई है। ऐसे में भाजपा अपने दावे को कांग्रेस से कहीं ज्यादा मजबूत बता रही है। हालांकि चुनाव से पहले दोनों दल कोई चूक नहीं करना चाहते। यही कारण है कि अपने-अपने सदस्यों को एकजुट रखना दोनों दलों के लिए चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस अपने समर्थित सदस्यों के साथ छोटी-छोटी बैठकें कर रही है और अपने खेमे को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं भाजपा के सामने भी अपने सदस्यों को एकजुट रखने की चुनौती है यही वजह है कि दोनों दलों के दावों के बीच अब एक-एक सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अपने जिला परिषद सदस्यों को शिमला से बाहर गुजरात ले जाने की तैयारी कर रही है।
बहुमत के दावों ने बढ़ाई चुनाव की रोचकता
जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर मुकाबला बेहद नजदीकी माना जा रहा है। कांग्रेस के 12 और भाजपा के 13 सदस्यों के दावों के बाद अब असली परीक्षा चुनाव के दिन होगी। यदि दोनों दल अपने-अपने दावों के मुताबिक सदस्यों को साथ रखने में सफल रहते हैं तो भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ सकता है। वहीं कांग्रेस के लिए भाजपा के खेमे में सेंधमारी या समर्थन जुटाना चुनावी समीकरण बदलने का रास्ता हो सकता है। ऐसे में 10 सितंबर को होने वाले चुनाव पर न केवल जिला परिषद, बल्कि पूरे जिले की राजनीतिक निगाहें टिकी हैं।
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तीन अगस्त को बुलाई थी पहली बैठक
प्रशासन ने इससे पहले तीन अगस्त को बैठक बुलाई थी लेकिन कोई भी दल इस बैठक में शामिल नहीं हुआ था। इसके बाद भाजपा अपने सदस्यों के साथ शक्ति प्रदर्शन कर चुकी है और चुनाव करवाने की मांग की है। वहीं यह मामला कोर्ट भी पहुंच गया है। यही कारण है कि 10 सितंबर को होने वाली बैठक को कानूनन दूसरी बैठक माना जाएगा। ऐसे में दो-तिहाई सदस्यों के कोरम की बाध्यता नहीं होगी बल्कि 25 में से 13 सदस्यों के साधारण बहुमत से चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नोटिस किए जारी
चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने को लेकर सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर दिए हैं। जल्द ही यह नोटिस उन्हें मिल जाएंगे। इसके अलावा बीडीओ के माध्यम से भी सदस्यों को सूचित करने के निर्देश जारी हो चुके हैं।
-विनय, जिला पंचायत अधिकारी शिमला
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बचत भवन में चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू होगी।
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से सभी जिला परिषद सदस्यों को चुनाव के संबंध में नोटिस जारी कर दिए हैं। 10 सितंबर को उपायुक्त अनुपम कश्यप की निगरानी में बचत भवन में यह चुनाव होगा। बचत भवन में सुबह 11 बजे शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया।
जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा दोनों ही संगठन बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस ने 12 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा 13 सदस्यों को मीडिया के सामने लेकर आई है। ऐसे में भाजपा अपने दावे को कांग्रेस से कहीं ज्यादा मजबूत बता रही है। हालांकि चुनाव से पहले दोनों दल कोई चूक नहीं करना चाहते। यही कारण है कि अपने-अपने सदस्यों को एकजुट रखना दोनों दलों के लिए चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस अपने समर्थित सदस्यों के साथ छोटी-छोटी बैठकें कर रही है और अपने खेमे को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं भाजपा के सामने भी अपने सदस्यों को एकजुट रखने की चुनौती है यही वजह है कि दोनों दलों के दावों के बीच अब एक-एक सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अपने जिला परिषद सदस्यों को शिमला से बाहर गुजरात ले जाने की तैयारी कर रही है।
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बहुमत के दावों ने बढ़ाई चुनाव की रोचकता
जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर मुकाबला बेहद नजदीकी माना जा रहा है। कांग्रेस के 12 और भाजपा के 13 सदस्यों के दावों के बाद अब असली परीक्षा चुनाव के दिन होगी। यदि दोनों दल अपने-अपने दावों के मुताबिक सदस्यों को साथ रखने में सफल रहते हैं तो भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ सकता है। वहीं कांग्रेस के लिए भाजपा के खेमे में सेंधमारी या समर्थन जुटाना चुनावी समीकरण बदलने का रास्ता हो सकता है। ऐसे में 10 सितंबर को होने वाले चुनाव पर न केवल जिला परिषद, बल्कि पूरे जिले की राजनीतिक निगाहें टिकी हैं।
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तीन अगस्त को बुलाई थी पहली बैठक
प्रशासन ने इससे पहले तीन अगस्त को बैठक बुलाई थी लेकिन कोई भी दल इस बैठक में शामिल नहीं हुआ था। इसके बाद भाजपा अपने सदस्यों के साथ शक्ति प्रदर्शन कर चुकी है और चुनाव करवाने की मांग की है। वहीं यह मामला कोर्ट भी पहुंच गया है। यही कारण है कि 10 सितंबर को होने वाली बैठक को कानूनन दूसरी बैठक माना जाएगा। ऐसे में दो-तिहाई सदस्यों के कोरम की बाध्यता नहीं होगी बल्कि 25 में से 13 सदस्यों के साधारण बहुमत से चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नोटिस किए जारी
चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने को लेकर सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर दिए हैं। जल्द ही यह नोटिस उन्हें मिल जाएंगे। इसके अलावा बीडीओ के माध्यम से भी सदस्यों को सूचित करने के निर्देश जारी हो चुके हैं।
-विनय, जिला पंचायत अधिकारी शिमला