भगौड़ा घोषित होगा टेक्नोमैक कंपनी का एमडी, अदालत ने मंजूर की सीआईडी की अर्जी
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करीब 4200 करोड़ रुपये घोटाले का फरार चल रहा मुख्य आरोपी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी का एमडी राकेश शर्मा भगौड़ा घोषित हो सकता है। मामले की जांच कर रही हिमाचल सीआईडी की टीम ने कंपनी के एमडी को उद्घोषित अपराधी घोषित करवाने के लिए सोमवार को नाहन की विशेष अदालत में जरूरी दस्तावेजों सहित अर्जी दाखिल की। अदालत ने अर्जी को मंजूर कर लिया है। अब जल्द भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इंडियन टेक्नोमैक कंपनी पर 2175 करोड़ की कर चोरी, बैंक कर्ज समेत फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप है। वर्ष 2014 में सीआईडी ने मामला दर्ज कर कंपनी को सील कर दिया। जनवरी 2019 में सीआईडी ने चार्जशीट दाखिल की और आठ लोगों को आरोपी बनाया। अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कंपनी का मालिक अभी तक सीआईडी के हत्थे नहीं चढ़ रहा।
सीआईडी सूत्रों के अनुसार अदालत इस प्रक्रिया के तहत अखबारों और उसके नाम की संपत्ति वाले स्थानों पर इश्तिहार चस्पां कराएगी। नोटिस के बाद दो से तीन सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान यदि वह अदालत में पेश नहीं हुआ तो उसे भगौड़ा घोषित किया जाएगा। आरोपी की संपत्ति को भी अटैच किया जा सकेगा। सीआईडी की अर्जी पर अदालत ने जल्द ट्रायल शुरू करने की इजाजत दी है।
बिजली घोटाले में अफसरों के खिलाफ मांगी अभियोजन मंजूरी
मामले की आगामी सुनवाई जुलाई में होगी। सीआईडी के एसपी संदीप धवल ने टेक्नोमैक के मालिक को भगौड़ा घोषित करने के लिए अदालत में अर्जी देने की पुष्टि की है।
टेक्नोमैक कंपनी के कर्ज एवं आबकारी टैक्स घोटाले में कुल 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें 11 कंपनी के अधिकारी हैं। कंपनी से माल खरीदने वाले दो व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
कंपनी में पांच करोड़ रुपये का बिजली घोटाला भी सामने आया है। इनमें बिजली बोर्ड के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। फर्जी आरटीजीएस के सहारे इस कार्य को अंजाम दिया गया था।
सरकारी अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश करने के लिए सीआईडी ने सरकार से अभियोजन की मंजूरी मांगी है। इससे पहले सीआईडी ने इस मामले में भी राकेश शर्मा को भगौड़ा घोषित करने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है।