ईटीओ की विभागीय जांच की तैयारी, प्रमुख सचिव ने तलब की रिपोर्ट
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साल 2012 में आबकारी एवं कराधान विभाग के बद्दी में तैनात रहे तत्कालीन अधिकारी के खिलाफ सरकार विभागीय जांच की तैयारी कर रही है। अधिकारी पर बद्दी में तैनात रहने के दौरान एक कंपनी की गलत असेसमेंट कर उसे फायदा पहुंचाने और प्रदेश को करीब 12 करोड़ से ज्यादा के सरकारी राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। मामले में प्रमुख सचिव आबकारी एवं कराधान ने कराधान आयुक्त से मामले में रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार अधिकारी के खिलाफ 11 बिंदुओं की चार्जशीट तैयार की गई, लेकिन उसके खिलाफ कभी विभागीय जांच नहीं हुई।
यही नहीं, उसके खिलाफ जांच शुरू होने के बजाय आरोपों को ही वापस ले लिया गया। 2012 में हुए इस गड़बड़झाले की जांच न होने के बाद हाल ही में प्रमुख सचिव जेसी शर्मा के पास इस मामले की फाइल पहुंच गई। उन्होंने आयुक्त रोहत चंद ठाकुर से अधिकारी के खिलाफ लगे आरोपों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि उसके खिलाफ विभागीय जांच नहीं हुई है और बिना जांच के ही उसे क्लीन चिट मिल गई, जबकि सरकार को राजस्व का नुकसान होने की बात सामने आ चुकी है। ऐसे में संभव है कि सरकार विभागीय जांच के आदेश दे सकती है।