इस शहरों में लगेंगे बिजली के प्री पेड स्मार्ट मीटर
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राजधानी शिमला और धर्मशाला में आगामी तीन महीनों के भीतर बिजली के प्री पेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने के लिए हिमाचल सरकार को 27 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
यह मीटर मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज हो सकेंगे। इसके अलावा बिल जमा करवाने का विकल्प भी उपभोक्ताओं में मिलेगा। सोमवार को राज्य सचिवालय में स्मार्ट मीटर की योजना को लेकर ऊर्जा महकमे की बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण कपूर ने बताया कि शिमला और धर्मशाला में एक लाख 25 हजार बिजली के स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे। तीन महीने के भीतर नए मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि एक स्मार्ट मीटर 2800 से तीन हजार रुपये में पड़ेगा। इसके लिए केंद्र सरकार 1200 रुपये प्रति मीटर की सब्सिडी देगी। शेष राशि का खर्च राज्य बिजली बोर्ड और उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा।
मीटरों की राशि उपभोक्ताओं के शेयर में एडजस्ट की जाएगी
पुराने बिजली के मीटरों की राशि उपभोक्ताओं के शेयर में एडजस्ट की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर लगने के बाद मोबाइल फोन से ही बिल अदा करने का काम हो जाएगा। उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए किसी भी काउंटर में नहीं जाना पड़ेगा।
उपभोक्ताओं को अपने घर में कितनी बिजली चाहिए, वह भी मोबाइल पर बता सकेंगे। प्री पेड बिजली मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को बिजली की बचत से लेकर उपयोग करने की जानकारी भी मोबाइल पर मिलेगी। इसके लिए साफ्टवेयर तैयार किया जाएगा।
ऊर्जा महकमे ने स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के लिए केंद्र सरकार से सौ करोड़ के बजट की मांग की थी। केंद्र ने पहले चरण में प्रदेश को 27 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
केंद्र सरकार ने प्रदेश को सिर्फ स्मार्ट मीटर के पैसे देने का फैसला लिया है। स्मार्ट मीटर के लिए सॉफ्टवेयर विकास के लिए फिलहाल कोई धनराशि नहीं दी गई है। इस राशि का इंतजाम करने के लिए प्रदेश सरकार अब वर्ल्ड बैंक का प्रस्ताव भेजेगी।