सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर सियासत, धूमल ने फोड़ा पत्र बम
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हिमाचल में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के नाम पर कांग्रेस सरकार पर पलटवार किया है। बुधवार को पार्टी कार्यालय हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने मुख्यमंत्री कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे।
उन्होंने वीरभद्र सिंह द्वारा 28 जनवरी 2013 को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए 50 दिन के भीतर देहरा और धर्मशाला में स्थापित होने वाले सीयू के दो कैंपस का नींव पत्थर रखने का खुलासा किया। हालांकि, धूमल की ओर से जो पत्र जारी किया गया है, उसमें मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर नहीं हैं।
धूमल ने कहा कि तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन और तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शीघ्र स्वीकृति के लिए पत्र लिखा था। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने पत्र में कहा कि देहरा में 380.51 हेक्टेयर और धर्मशाला में 62.54 हेक्टेयर वन भूमि को सीयू के नाम बदला जाना है।
बयान बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है सरकार
इस पत्र में फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी के विचार, प्रदेश सरकार की टिप्पणियों और मुख्य सचिव के पत्र का हवाला दिया गया है। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह केंद्रीय विवि की स्थापना न होने और भूमि चयन न होने का दोष भाजपा पर थोंपते रहते हैं।
सीएम यह कहते रहते हैं कि धूमल और अनुराग ठाकुर ने देहरा में भूमि चयनित करवाई है। यह गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय को मंजूरी मिली थी।
कांगड़ा के जसूर से बैजनाथ तक पूरे जिले में जहां कहीं भी उपयुक्त भूमि मिले, वहां इसकी स्थापना करने का सुझाव दिया था। केंद्रीय स्थान चयन समिति ने तीन बार दौरा कर अपनी रिपोर्ट भी सौंपी है।
लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद प्रदेश कांग्रेस सरकार बार-बार बयान बदलकर लोगों का गुमराह कर रही है। धूमल ने कहा कि सीयू के नाम पर झगड़े के बजाय दोनों जगह परिसर खोले जाने चाहिए। उधर, इस मसले पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो पाए।