कोर्ट के फैसले पर प्रशांत भूषण ने ये क्या कहा?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने उनकी सोसायटी की जमीन को सरकार के नाम करने के कलेक्टर (डीसी) कांगड़ा के फैसले को भेदभावपूर्ण करार दिया है। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में प्रशांत भूषण ने कहा कि यह फैसला शिमला से लिखवाया गया। सरकार का लिखा फैसला डीसी ने केवल सुनाया है।
प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे भ्रष्टाचार संबंधी केस से गुस्साए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार ने यह एकतरफा कार्रवाई की है। इसका जवाब भी कानूनी लड़ाई के जरिये दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारी प्रक्रिया पूरी कर उन्होंने यह निजी भूमि खरीदी थी।
जिस मकसद के लिए खरीद की गई, वही काम तय अवधि में कंडवाड़ी में किया गया है। दूसरी ओर, प्रशांत भूषण की सोसायटी के संभावना संस्थान ने डीसी कांगड़ा के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
2011 से चल रही है संभावना संस्था
संस्थान के प्रवक्ता हिमांशु कुमार ने जारी प्रेस बयान में कहा कि बुधवार को ही सरकारी वकील को अदालत ने संस्थान के जवाब के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाने का समय दिया था, लेकिन सरकार ने कोई आपत्ति पेश नहीं की और आश्चर्यजनक रूप से डीसी ने आदेश पारित कर दिया।
डीसी ने भी अपने आदेश में स्वीकार किया है कि संस्थान ने जमीन खरीदने में कानून का पालन किया है। वर्ष 2011 से संभावना संस्था पालमपुर के कंडबाड़ी में शैक्षणिक कार्य कर रही है। संस्था ने अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए आस-पास के गांवों के बच्चों के लिए पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, संगीत एवं नाटक कक्ष आदि का निर्माण किया। इसका लाभ सैकड़ों बच्चे ले रहे हैं।