फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   power generation in himachal pradesh

बिजली प्रोजेक्टों से पर्यावरण बचाने के लिए हिमाचल की बड़ी पहल

Mon, 08 Feb 2016 09:05 AM IST
Updated Mon, 08 Feb 2016 09:05 AM IST
विज्ञापन
power generation in himachal pradesh

हिमाचल में हाइडल प्रोजेक्टों से हो रहे विनाश और विस्थापन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अब छोटे ईको फ्रेंडली प्रोजेक्ट बनाने का निर्णय लिया है। इन प्रोजेक्टों के लिए न तो बड़े-बड़े डैम बनाने की जरूरत होगी और न ही अंडरग्राउंड टनल होंगे। निजी भूमि का भी अधिग्रहण नहीं होगा जिससे ग्रामीणों को विस्थापन का दंश भी नहीं झेलना होगा।

विज्ञापन


राज्य विद्युत बोर्ड ब्यास, रावी और पब्बर नदियों पर ईको फ्रेंडली तकनीक से 22 प्रोजेक्ट बनाएगा। जल्द ही हिमाचल पर्यावरण से छेड़छाड़ किए बिना बिजली पैदा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।  बोर्ड अधिकारियों के अनुसार नदियों के बीच प्राकृतिक रूप से बने भू खंडों में प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे। डैम के बजाय छोटी-छोटी झीलों का निर्माण होगा।
विज्ञापन


इन झीलों में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू की जाएंगी जिससे प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य विद्युत बोर्ड ने 22 प्रोजेक्ट के लिए साइट चिह्नित कर ली हैं। अधिकतर प्रोजेक्टों की प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। बोर्ड ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायसन हाइड्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके लिए नवीन एवं नवीनीकरण मंत्रालय भारत सरकार (एमएनआरई) ने पहली किस्त बोर्ड को जारी कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कहां कितने मेगावाट का बनेगा प्रोजेक्ट

power generation in himachal pradesh

रायसन प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 144 करोड़ है। रायसन प्रोजेक्ट में बोरिंग का कार्य शुरू हो गया है। स्माल हाइड्रो प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए मंत्रालय प्रति मेगावाट 7.50 करोड़ रुपये जबकि एक प्रोजेक्ट के अधिकतम 20 करोड़ की ग्रांट देता है।

ब्यास नदी पर क्लाथ में 15 मेगावाट, 15 मील-1 में 11 मेगावाट, 15 मील-2 में 10 मेगावाट, कटराईं-1 में 21 मेगावाट, कटराईं-2 में 13 मेगावाट, रायसन-1 में 18 मेगावाट, रायसन-2 में 22 मेगावाट, रायसन-3 में 16 मेगावाट, बबेली में 10 मेगावाट, ढालपुर में 10

मेगावाट, बजौरा-1 में 15 मेगावाट और बजौरा-2 में 10 मेगावाट के प्रोजेक्ट बनाने की योजना है। इसके अलावा मंडी टाउन से संधोल तक चार व चंबा में रावी नदी पर तीन और रोहडू वैली की पब्बर नदी पर तीन ईको फ्रेंडली प्रोजेक्ट लगाने की योजना है।

पैनल ऑफ एक्सपर्ट के अध्यक्ष एवं इंटरनेशनल कमीशन ऑन इरिगेशन एंड ड्रेनेज (आईसीआईडी) के पूर्व सेकेट्री जनरल एम गोपालाकृष्णन ने रायसन प्रोजेक्ट का दौरा कर बोर्ड के प्रोजेक्ट को सराहा है। प्रदेश में पहली बार पर्यावरण से छेड़छाड़ किए बिना बिजली तैयार की जाएगी। -पवन कुमार कोहली, निदेशक (सिविल) प्रदेश बिजली बोर्ड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed