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करुणामूलक आधार पर भरे जाएंगे सहकारी बैंकों में पद: जयराम
Tue, 14 Jul 2020 08:19 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 14 Jul 2020 08:19 PM IST
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सहकारिता विभाग की बैठक में सीएम जयराम
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकारी बैंकों में करुणामूलक आधार पर पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीन प्रमुख सहकारी बैंक राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, मुद्रा योजना, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना आदि के प्रभावी कार्यान्वयन के अतिरिक्त राज्य के कमजोर सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों को ऋण सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को शिमला में सहकारिता विभाग के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक कोर बैंक सॉल्यूशन पर अपनी सभी शाखाएं चलाने वाला पहला राज्य सहकारी बैंक है।
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उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक देश में स्वचालित प्रणाली लागू करने वाला पहला सहकारी बैंक है। बैंक के पास रूपे कार्ड के माध्यम से दो लाख से अधिक एटीएम शेयरिंग सुविधा उपलब्ध है। बैंक एचआईएमपीईएसए ऐप के माध्यम से मोबाइल बैंक सेवा भी उपलब्ध करवा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य के बैंकिंग उद्योग में सहकारी बैंकों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न 2194 बैंक की शाखाओं में से 512 सहकारिता क्षेत्र के बैंक हैं। इनमें हिमाचल राज्य सहकारिता बैंक की 241 शाखाएं, कांगड़ा केंद्रीय सहकारिता बैंक की 240 शाखाएं और जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारिता बैंक की 31 शाखाएं शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल राज्य सहकारी बैंक की शाखाएं जिला बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, मंडी, शिमला, सिरमौर तथा कांगड़ा केंद्रीय बैंक की शाखाएं कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर, लाहौल-स्पीति और ऊना जिला में हैं, जबकि जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारिता बैंक की शाखाएं जिला सोलन में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019-20 के दौरान हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के पास 11814.67 करोड़ रुपये की जमा पूंजी है, जबकि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के पास 11539.15 करोड़ रुपये की जमा पूंजी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 1029 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरित किए हैं, जबकि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने इस अवधि के दौरान 598.58 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरित किए हैं, जो इन बैंकों के राज्य के किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सहकारी बैंक ने 58.33 करोड़ रुपये, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने 48.70 करोड़ रुपये और जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक ने वर्ष 2019-20 में 6.31 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि इन बैंकों ने लोगों का विश्वास हासिल करने में कामयाबी पाई है क्योंकि यह राज्य सरकार के संस्थान के तौर पर देखे जाते हैं। सहकारिता मंत्री डा राजीव सैजल ने राज्य में सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण में गहन रुचि रखने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाहटा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष डा राजीव भारद्वाज और जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री से सहकारी बैंकों को सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत ऋण प्रदान करने वाले संस्थानों के सदस्यों (एमएलआई) के रूप में शामिल करने का आग्रह किया। मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, सचिव वित्त अक्षय सूद, पंजीयक सहकारी समिति हंसराज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।