हिमाचल में बढ़ा बर्फानी तेंदुओं का कुनबा, कैमरा ट्रैप से चलेगा पता
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बेशक दुनिया भर में बर्फानी तेंदुओं की संख्या कम हो रही हो, लेकिन हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में इनका कुनबा बढ़ने लगा है। प्रदेश वन विभाग की ओर से शीत मरुस्थल स्पीति क्षेत्र में तेंदुओं की कैमरा ट्रैप के माध्यम से गणना की गई है, जिसमें करीब 35 बर्फानी तेंदुए सामने आए हैं।
विभाग की ओर से की गई ताजा गणना के अनुसार लगभग न के बराबर दिखने वाले हिम तेंदुओं की अब स्पीति के अलावा लाहौल, पांगी में भी मौजूदगी दर्ज की गई है। दावा है कि बर्फानी तेंदुओं की तादाद का पता करने के लिए गणना शुरू करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य है। स्पीति के बाद अब विभाग पूरे लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाके में इनकी गणना करेगा।
वन्य प्राणी विंग की अगर पिछली गणना पर नजर डालें तो बर्फानी तेंदुओं का वजूद खतरे में पड़ता दिख रहा था, लेकिन इनके लिए भोजन की कमी न होने के चलते अब इनकी संख्या बढ़ने लगी है।
मुख्य वन संरक्षक एसके कपटा ने बताया कि साल 2012 से प्रदेश का वन विभाग ‘प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड’ के जरिये बर्फानी तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में पहली बार स्पीति क्षेत्र में पहले चरण में बर्फानी तेंदुओं की गणना की गई। गणना में अब तक करीब 35 तेंदुए देखे जा चुके हैं।
कपटा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां विभाग ने इन तेंदुओं की गणना शुरू की है। इस दौरान स्पीति में पिन घाटी नेशनल पार्क, चंद्रताल, वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी और किब्बर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के 2000 वर्ग किलोमीटर के दायरे में कैमरा ट्रैप के माध्यम से ताजा गणना की गई। अब इसे और विस्तार देकर प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। प्रदेश के भरमौर, पांगी और किन्नौर में भी हिम तेंदुए पाए जाते हैं।
अब चंद्रभागा, स्पीति, सतलुज नदी के आसपास के इलाकों में इनकी गणना की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि बर्फानी तेंदुओं की संख्या और बढ़ सकती है। अभी स्पीति के मुद, खर, टशीगंग, डेमुल, लांगचा, हिकिम में बर्फानी तेंदुओं की उपस्थिति दर्ज की गई है। - एसके कपटा, मुख्य वन संरक्षक