फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   poor baksho devi family not included in BPL.

घासफूस का घर, फिर भी बीपीएल में नहीं लिया बख्शो का परिवार

Thu, 31 Dec 2015 01:12 PM IST
Updated Thu, 31 Dec 2015 01:12 PM IST
विज्ञापन
poor baksho devi family not included in BPL.

घासफूस का घर, फिर भी बख्शो का परिवार बीपीएल और आईआरडीपी में नहीं आता है। इस पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सरकार का गरीबी मापने का पैमाना क्या है? इस कोटे में न आने के कारण यह परिवार तो राशन डिपो में मिलने वाले सस्ते राशन से भी वंचित है।

विज्ञापन


वहीं, बख्शो की मां और नाना को वृद्धा पेंशन भी नहीं मिलती है। बख्शो के हुनर से लेकर अभावों में जी रहे उसके परिवार को लेकर सरकारी योजनाओं की अनदेखी पर ‘अमर उजाला’ के अभियान से सरकार जागी है। ओबीसी वर्ग से संबंधित इस परिवार के पास रहने के लिए एक अदद छत तक नहीं है।
विज्ञापन


हैरत की बात तो यह है कि यह परिवार न तो बीपीएल में है और न ही आईआरडीपी में। बख्शो उसकी मां, तीन बहनें और एक भाई अपने नाना के झोपड़ीनुमा घर में रहते हैं। प्रशासन अब नाना की वार्षिक आय की पड़ताल करेगा। इसी बीच 80 साल के हो चुके बुजुर्ग नाना दाताराम को भी वृद्धावस्था पेंशन नहीं लगी है। इससे साबित होता है कि सरकारी योजनाएं जरूरतमंदों से कोसों दूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच के लिए बख्‍शो के घर पहुंची सरकारी टीम

poor baksho devi family not included in BPL.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पहल के बाद विभागीय आदेशों पर सहायक लोकसंपर्क अधिकारी ऊना राजेश कुमार जसवाल बख्शो के घर पहुंचे। योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ को लेकर पड़ताल की और इसकी जानकारी जुटाई। बताया कि सरकार के आदेशों पर इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।

बताते चलें कि करीब नौ साल पहले केंद्रीय आवास योजना में बख्शो के परिवार को 15 हजार रुपये की एक किस्त मिली थी। इससे एक कमरा बनाया था, बाकी लेंटर ग्रामीणों के सहयोग से डाला गया था। उधर, पंचायत सचिव सुनील कुमार ने कहा कि वह पंचायत चुनाव ड्यूटी में हैं। वापस आते ही परिवार को मिलने वाली योजनाओं से संबंधित कागजातों की जांच करेंगे।

बख्शो से मिले संत गजानंद

poor baksho devi family not included in BPL.

सोलन स्थित जटोली शिवमंदिर के संत गजानंद ने बुधवार को बख्शो के घर पहुंचकर उससे मुलाकात की। उन्होंने बख्शो की आर्थिक मदद करने के अलावा उसे किडनी की समस्या से संबंधित आयुर्वेदिक उपचार सुझाया। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘अमर उजाला’ के माध्यम से बख्शो के बारे में मालूम हुआ और वह उससे मिलने पहुंचे।

बख्शो की मां को मिलेगी विधवा पेंशन
बख्शो देवी के परिवार को अब एक अदद छत के अलावा उसकी मां को विधवा पेंशन भी मिलेगी। ईसपुर पंचायत के प्रधान संजय पाठक ने विमला देवी को विधवा पेंशन की अनुशंसा करने के लिए फार्म भरवा दिए हैं। बख्शो के पिता पवन कुमार की नौ वर्ष पूर्व काम के दौरान मौत हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed