कर्ण सिंह को मंत्री बनाने पर बिखरी कांग्रेस, दिल्ली पहुंचा मामला
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बंजार के विधायक कर्ण सिंह के मंत्री बनने के बाद हिमाचल में कांग्रेस की सियासत गरमा गई है। प्रदेश मंत्रिमंडल में इस नए सदस्य के प्रवेश पाने के बाद से हिमाचल कांग्रेस के नेताओं का एक धड़ा दिल्ली तक सक्रिय हो गया है। इनमें कोई क्षेत्रीय संतुलन का राग छेड़े हुए हैं तो कोई अपनी वरिष्ठता के दरकिनार होने की दुहाई दे रहा है।
चर्चा तो हिमाचल कैबिनेट के एक मंत्री को हटवाने और एक नए मंत्री बनाने तक की है। हालांकि, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इन्हें अटकलें ही बता रहे हैं। कुछ साल पहले ही भाजपा से कांग्रेस में आए कर्ण सिंह को मंत्री बनाए जाने से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विरोध में रहने वाले कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ गई है। इनमें कुछ मंत्री, विधायक और कुछ कांग्रेस पार्टी संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर दखल रखने वाले प्रादेशिक नेता भी शामिल हैं।
दिल्ली तक सक्रिय हुए कांग्रेस नेताओं के कुछ धड़े
ये कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही कर्ण सिंह को मंत्री बनाने का विरोध करते आ रहे थे। अब जब कर्ण सिंह को मंत्री बना ही दिया गया है तो इनकी सक्रियता के चर्चे प्रदेश से बाहर दिल्ली तक हैं। सूत्रों की मानें तो ये नेता दिल्ली में ‘12 तुगलक लेन’ से लेकर 24 अकबर रोड’ और ‘दस जनपथ’ तक सक्रिय हो गए हैं।
पिछले दिनों ऐसे कुछ नेताओं ने पार्टी आलाकमान को अपना दुखड़ा सुनाया है। बडे़ पदों पर आसीन होने के बावजूद ऐसे नेता राज्य सरकार में वांछित सुनवाई नहीं होने की भी शिकायत करने लगे हैं। दूसरी ओर सीएम के करीबी रणनीतिकार, मंत्री और अन्य नेता भी विरोधियों की हरेक चाल पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार की नहीं है कोई योजना : वीरभद्र
पत्रकारों के सवालों के जवाब में शुक्रवार को राजभवन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर शिष्टाचार भेंट से मंत्री बनते तो सब बन जाते। उन्होंने कहा कि हाईकमान के पास सब जाते हैं। सरकार की मंत्रिमंडल विस्तार की कोई योजना नहीं है।