राजनीति: कैबिनेट में जगह पाने के लिए राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा की छटपटाहट, सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द
मंत्री पद की बाट जोह रहे राजेंद्र राणा व सुधीर शर्मा की छटपटाहट सोशल मीडिया पर उनकी पोस्टों में नजर आ रही है जिनके कई अर्थ निकाले जा रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार से पहले सोशल मीडिया पर ''महाभारत'' शुरू हो गई है। सियासी रण में कौरव और पांडव उतार दिए गए हैं। मंत्री पद की बाट जोह रहे राजेंद्र राणा व सुधीर शर्मा की छटपटाहट सोशल मीडिया पर उनकी पोस्टों में नजर आ रही है जिनके कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। राणा ने पांडवों व दुर्योधन का उल्लेख कर लिखा है कि जो विवादों में उलझ जाते हैं, वे अक्सर दिलों से उतर जाते हैं।
एक जिद ने महाभारत रच दी थी। सुधीर ने लिखा कि समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनाता है, अर्जुन का भी वक्त बदल गया था। गौरतलब है कि सुक्खू कैबिनेट में तीन पद अभी रिक्त हैं। वीरभद्र समर्थक रहे राणा और वीरभद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुधीर शिमला से दिल्ली तक मंत्री बनने की दावेदारी जता चुके हैं। उनकी छटपटाहट अब सोशल मीडिया पर दिख रही है।
राणा ने यह पोस्ट डाली है
जो विवादों से दूर रहते हैं, वही दिलों पर राज करते हैं...जो विवादों में उलझ जाते हैं, वे अक्सर दिलों से भी उतर जाते हैं। महाभारत का प्रसंग देखिए : पांडवों ने सिर्फ पांच गांव ही तो मांगे थे और दुर्योधन ने सुई की नोक के बराबर भी जमीन देने से इन्कार कर दिया था। एक जिद ने महाभारत रच दिया। सुकून भरी जिंदगी के लिए विवादों से दूरी, है बेहद जरूरी।
राणा की पोस्ट के बाद सुधीर ने भी पोस्ट डाली
तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान। भीलां लूटी गोपियां, वही अर्जुन वही बाण। यानी तुलसीदास जी कहते हैं, समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनाता है। अर्जुन का वक्त बदला तो उसी के सामने भीलों ने गोपियों को लूट लिया। अर्जुन की गांडीव की टंकार से बड़े-बड़े योद्धा घबरा जाते थे।
मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर के सुजानपुर हलके से विधायक राणा 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को हराकर चर्चा में आए थे और अभी प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। उनकी मंत्री पद की दावेदारी इसलिए कमजोर पड़ रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दोनों ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से हैं। राणा की सीट भी हमीरपुर में ही आती है। उधर हमीरपुर संसदीय सीट में से ही बिलासपुर के घुमारवीं से विधायक राजेश धर्माणी की दावेदारी भी मजबूत है और बिलासपुर जिले से अभी कोई मंत्री नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए भी मंत्री पद से राजेंद्र राणा की दूरी बढ़ रही है। उधर, वर्ष 2019 में धर्मशाला में हुए विधानसभा उपचुनाव को नहीं लड़ना सुधीर पर अभी तक भारी पड़ रहा है। कांगड़ा से मंत्री बनाने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पसंद अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले विधायक यादविंद्र गोमा भी आड़े आ रहे हैं।
लोकतंत्र में सभी को है अभिव्यक्ति का अधिकार : राणा
सोशल मीडिया पर सियासी महाभारत शुरू करने वाले कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा का कहना है लोकतंत्र में किसी को भी अपने विचार अभिव्यक्त करने का अधिकार है। मैं उम्र के उस पड़ाव की ओर बढ़ रहा हूं कि चंद वर्ष बाद वरिष्ठ नागरिक बन जाऊंगा। अपने 57 वर्ष की आयु के अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने कहा कि इंसान को विवादों से बचना चाहिए। लड़ाई समाज व इंसान का नुकसान करती है। इतिहास इंसान को बहुत कुछ सिखाता है।
महाभारत होने के कारणों का मैंने उल्लेख किया है। सुई की नोक के बराबर भी जमीन नहीं देने से महाभारत का युद्ध हुआ। राणा ने कहा कि सोशल मीडिया पर लिखी बातों को कोई राजनीतिक तौर पर देखता है तो मैं रोक नहीं सकता हूं। सुधीर शर्मा की टिप्पणी गलत नहीं है। उन्होंने भी शिक्षा देने का प्रयास किया है। राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार अच्छा काम कर रही है। सभी वादों का पूरा कर रही है। समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के लिए मैंने संदेश दिया है।
राणा की पोस्ट से कांग्रेस की अंतर्कलह उजागर : धर्माणी
भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा है कि कांग्रेस की अंतर्कलह चरम पर है। जिस प्रकार से एक के बाद एक कांग्रेस नेता अपना दर्द जनता के समक्ष ला रहे हैं, उसे स्पष्ट है कि कांग्रेस एक विभाजित दल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। आज इसका एक और प्रत्यक्ष उदाहरण सामने आया है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नेता राजेंद्र राणा की फेसबुक पोस्ट और उस पर पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का समर्थन यह स्पष्ट करता है कि राणा कांग्रेस में एक युद्ध का आगाज करने जा रहे हैं।
धर्माणी ने प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू के सामने आए दिन नई परेशानी खड़ी हो जाती है। इससे प्रदेश का विकास रुक गया है। राणा ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए हिमाचल कांग्रेस में भी महाभारत की चर्चाओं को हवा दे दी है। उन्होंने लिखा- जो विवादों से दूर रहते हैं, वही दिलों पर राज करते हैं। जो विवादों में उलझ जाते हैं, वे अक्सर दिलों से भी उतर जाते हैं।
महाभारत का प्रसंग देखिए- पांडवों ने सिर्फ पांच गांव ही तो मांगे थे और दुर्योधन ने सुई की नोक के बराबर भी जमीन देने से इनकार कर दिया था। एक ज़िद ने महाभारत रच दिया। राणा की इसी पोस्ट पर मंत्री पद की दौड़ में शामिल विधायक सुधीर शर्मा ने भी कमेंट किया है। सुधीर ने लिखा- तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान। भीलां लूटी गोपियां, वही अर्जुन वही बाण। यानी कि तुलसीदास कहते हैं- समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनता है।