दिवाली से पहले सरकारी ओहदों के लिए दबाव बना रहे कई नेता
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दिवाली से पहले सरकारी ओहदों को भरने के लिए कई नेता दबाव बना रहे हैं। बोर्डों-निगमों में अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के पदों पर वे अपनी नियुक्ति चाह रहे हैं। नवरात्र में कई नेताओं को पद बांटे गए, मगर बहुत से तलबगार नेता देखते ही रह गए। इनमें भाजपा के तमाम खेमों से संबंधित प्रतिनिधि हैं।
राज्य सचिवालय के सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों अर्की के पूर्व भाजपा विधायक गोविंद राम शर्मा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इसी उम्मीद में मिले कि दिवाली से पहले उनकी सरकारी ओहदे पर नियुक्ति हो जाए।
गोविंद राम शर्मा का तर्क है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कटा तो इसके बावजूद उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के लिए काम किया। वह चाहते तो कुछ अन्य नेताओं की तरह घर में बैठ जाते, मगर उन्होंने पार्टी के आदेश की अनुपालना करते हुए ऐसा नहीं किया।
तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अर्की से भाजपा प्रत्याशी इसलिए कड़ी टक्कर दे पाए कि भाजपा ने वहां एकजुट होकर काम किया। सूत्रों की मानें तो इसी तरह पिछले दिनों कुछ अन्य भाजपा नेताओं ने भी सीएम से भेंट की है। पूर्व सांसद सुरेश चंदेल भी उन नेताओं में माने जाते हैं, जो खुद की नियुक्ति की उम्मीद जताए हैं।
पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रिखी राम कौंडल, पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान आदि भी सरकारी ओहदों पर अपनी ताजपोशी चाहने वालों में से माने जा रहे हैं। इनमें से कोई खुलकर अपनी बात कह रहा है तो कोई अपने समर्थकों के माध्यम से अपने मन की बातें बता रहे हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का कहना है कि यह मुख्यमंत्री का क्षेत्राधिकार है कि किसकी नियुक्ति की जानी है। वही इस पर फैसला करेंगे।