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कसौली गोलीकांडः पुलिस ने किया खुलासा, ऐसे हुई महिला अधिकारी की मौत

Sat, 05 May 2018 12:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोलन
अमर उजाला ब्यूरो, सोलन Updated Sat, 05 May 2018 12:34 PM IST
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police statement in kasauli shootout case

कसौली गोलीकांड में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोलन पुलिस ने यू टर्न ले लिया है। वारदात के दिन से महिला अधिकारी को दो गोलियां लगने का दावा किया जा रहा था, लेकिन एएसपी शिव कुमार ने शुक्रवार को धर्मपुर में पत्रकारवार्ता में कहा कि महिला अधिकारी को एक ही गोली लगी थी।

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गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एक गोली लोनिवि कर्मचारी गुलाब सिंह को लगी जो पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। तीसरी गोली पास में पड़े तख्तपोश में लगी। यह खुलासा उन्होंने महिला अधिकारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी विजय ने जिस रिवॉल्वर से गोली चलाई गई, वह .32 बोर की थी। 

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पुलिस की मौजूदगी में मां से की मुलाकात 

police statement in kasauli shootout case

हत्यारोपी को अदालत में पेश करने के बाद उसे पुलिस थाना धर्मपुर लाई। पूछताछ में उसने अपराध कबूल किया और उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद किया। रिवॉल्वर बरामद करने के बाद आरोपी की पुलिस की मौजूदगी में उसकी मां नारायणी देवी से मुलाकात हुई। दोनों ने कुछ देर बात की।


पुलिस पर घूस लेने के आरोप निराधार : एएसपी

एएसपी शिव कुमार ने कहा कि पुलिस पर घूस लेने के आरोप निराधार हैं। यह एक महिला अधिकारी की हत्या का मामला है और ऐसे में कोई अधिकारी नहीं चाहेगा कि उसकी नौकरी पर किसी भी प्रकार की आंच आए। यह सब प्रपंच रचे जा रहे हैं और आरोपी से रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ कर हर पहलू की गंभीरता से जांच हो रही है।

पुलिस का दावा, नहीं करना चाहता था सरेंडर 

police statement in kasauli shootout case

पुलिस का कहना है कि आरोपी सरेंडर नहीं करना चाहता था। यदि वह गिरफ्तारी देना चाहता था तो यहां समीपवर्ती चौकी थी। यदि यहां उसे पुलिस का भय था तो वह दिल्ली में भी गिरफ्तारी दे सकता था। वह बातचीत के दौरान अपने परिजनों से भी इस बारे में कह सकता था।

आरोपी बार-बार ब्यान बदल रहा है, जिसे क्रॉस चेक किया जा रहा है। प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस ने अपनी चूक को नहीं माना। पुलिस के सर्च ऑपरेशन पर कई सवाल खड़े होते रहे कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद कैसे फरार हो गया और समीप के ही नाले में छिपा रहा।

जब डंगे में अपनी रिवॉल्वर छिपाई तो उसे वहां ढूंढने का प्रयास क्याें नहीं किया गया। इस पर एएसपी ने कहा कि पुलिस ने अपना सर्च ऑपरेशन पूरी तरह से चलाया हुआ था। पुलिस को देखकर वह नाले में छिप गया और बाद में वह हाईवे पर पहुंचा।  

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पुलिस पर घूस लेने के आरोप निराधार : एएसपी

police statement in kasauli shootout case

एएसपी शिव कुमार ने कहा कि पुलिस पर घूस लेने के आरोप निराधार हैं। यह एक महिला अधिकारी की हत्या का मामला है और ऐसे में कोई अधिकारी नहीं चाहेगा कि उसकी नौकरी पर किसी भी प्रकार की आंच आए। यह सब प्रपंच रचे जा रहे हैं और आरोपी से रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ कर हर पहलू की गंभीरता से जांच हो रही है।

मधुसूदन बने एसपी सोलन 
कसौली कांड में हुई चूक के चलते एसपी मोहित चावला को वीरवार को हटाने के बाद शुक्रवार को सरकार ने 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी मधुसूदन को एसपी सोलन लगाया है। मधुसूदन अभी तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कॉरपोरेट अफेयर मंत्रालय में बतौर एडिशनल डायरेक्टर सेवाएं दे रहे थे। 

बेटी नहीं रही तो किस काम का हिमाचल गौरव पुरस्कार

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सहायक टाउन प्लानर शैल बाला शर्मा - फोटो : फाइल फोटो

सहायक टाउन प्लानर शैल बाला शर्मा को हिमाचल गौरव पुरस्कार दिए जाने पर उनके 82 वर्षीय पिता जगदीश दत्त शर्मा ने कहा कि जब बेटी ही नहीं रही तो पुरस्कार किस काम का। उनका कहना है कि क्या हिमाचल गौरव पुरस्कार देने से उनकी बेटी वापस आ जाएगी। नाल्टी से मुख्य अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए जगदीश दत्त शर्मा मैहरी काथला पंचायत के रहने वाले हैं। घटना के बाद से उनके घर में सांत्वना देने के लिए लोगों का आना-जाना जारी है।

उनके तीन बेटे हैं, जबकि एक ही बेटी थी। इसकी कसौली में अवैध होटल गिराने की कार्रवाई के दौरान फायरिंग से मौत हो गई थी। एक बेटा एसडीओ, दूसरा डीएसपी और एक प्रधानाचार्य के पद पर है। जगदीश शर्मा ने कहा कि अभी सरकार से उन्हें कोई फोन या संदेश नहीं आया है। न ही घुमारवीं व सदर के विधायक ने संपर्क किया है। कर्नाटक से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का फोन आया था। सरकाघाट के विधायक भी उनसे मिलने आए थे।

कहा कि उनकी बेटी की आरोपी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी। वह तो केवल न्यायालय के आदेशों का पालन कर रही थी। बताया कि एक गोली सीने में दायीं तरफ लगने के बाद भी जब उनकी बेटी खड़ी रही तो आरोपी को लगा कि कुछ नहीं हुआ है। उसके बाद उसने चेहरे पर दो गोलियां मार दीं। इसके बाद वह जमीन पर गिर गई। गोलियां डेढ़ मीटर के दायरे में चलाई गई हैं।

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