डुप्लीकेट चाबी से कब्जे में लिया नर्सिंग कॉलेज का रिकॉर्ड
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नर्सिंग कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों से दाखिले करने के मामले में एसपी शिमला ने एएसपी के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी की एक टीम को इंडियन नर्सिगिं काउंसिल के मुख्यालय से रिकॉर्ड लेने के लिए दिल्ली भेजा गया है। दूसरी टीम सर्च वॉरंट लेकर ऊना के लोअर बसाल नर्सिंग कॉलेज पहुंची।
संस्थान की ओर से रिकॉर्ड देने में आनाकानी करने पर टीम जब ताले तोड़ने को तैयार हुई तो वहां मौजूद कर्मचारी ने तुरंत डुप्लीकेट चाबियां आगे कर दीं। इसके बाद रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया गया। रिकॉर्ड जांचने के बाद गड़बड़ी मिली तो कॉलेज के चेयरमैन और प्रिंसिपल के अलावा ट्रस्टी भी जांच की चपेट में आ सकते हैं। पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास का बेटा अमिल मन्हास इस संस्थान का चेयरमैन बताया जा रहा है।
अकाउंटेंट और वार्डन से हुई पूछताछ
जांच अफसर एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि एक टीम को ऊना और दूसरी टीम को दिल्ली भेजा गया है। टीम के वहां से रिकॉर्ड लाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि असल में माजरा क्या है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज देखने के बाद ही इस मामले पर कोई टिप्पणी कर पाएंगे।
पुलिस ने ऊना में संस्थान के अकाउंटेंट और वार्डन को तलब कर उससे पूछताछ की है। संस्थान के चेयरमैन और पूर्व डीजीपी के पुत्र से अभी पुलिस संपर्क नहीं कर पाई है। संस्थान के कर्मचारियों के जरिए भी उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुनीष डढ़वाल ने बताया कि संस्थान के अकाउंटेंट को तलब कर उससे पूछताछ की गई है।