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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Police arrived at the university at night to inspect the hostel; Heated arguments and a commotion ensued between students and the police.

Shimla News: विवि में रात को हॉस्टल जांचने पहुंची पुलिस से छात्रों की बहसबाजी, हंगामा

Sun, 19 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:59 PM IST
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Police arrived at the university at night to inspect the hostel;
Heated arguments and a commotion ensued between students and the police.
डीएसपी की अगुवाई में रूटीन चेकिंग पर आई टीम को हॉस्टल में जाने से रोका, छात्र बोले, बिना वार्डन के नहीं जाने देंगे
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रात दस मौके पर पहुंचे वार्डन फिर हुई कमरों की जांच
एचपीयू के यशवंत सिंह परमार हॉस्टल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के यशवंत सिंह परमार बॉयज हॉस्टल में रात 9:30 बजे पुलिस के अचानक चेकिंग पर पहुंचने पर खूब हंगामा हुआ। डीएसपी जीडी शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम रूटीन जांच के लिए हॉस्टल में पहुंची थी।

पुलिस के पहुंचते ही हॉस्टल के छात्र कमरों से बाहर निकल आए और चेकिंग का विरोध शुरू कर दिया। छात्रों ने पूछा कि आखिर बिना वार्डन के जांच कैसे की जा रही है। पुलिस बिना वार्डन के हॉस्टलों में नहीं घुस सकती। इनका कहना था कि हॉस्टल में किसी भी तरह की जांच विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चीफ वार्डन या संबंधित वार्डन की मौजूदगी में ही होनी चाहिए। पुलिस का कहना था कि यह जांच विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, छात्रावासों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि रोकने, नशे या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे नियमित अभियान का हिस्सा है। छात्रों ने कहा कि जांच ठीक है लेकिन यह नियमानुसार होनी चाहिए। काफी देर तक छात्र डीएसपी के साथ छात्र उलझे रहे। छात्रों ने पुलिस को कमरों के अंदर नहीं जाने दिया। कई छात्रों ने इसके वीडियो भी बना दिए जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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आधे घंटे तक चले विरोध के बाद संबंधित वार्डन को सूचित किया गया। रात दस बजे वार्डन मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामला शांत किया। इसके बाद पुलिस ने वार्डन की मौजूदगी में छात्रावास की नियमित चेकिंग की। विश्वविद्यालय के अन्य छात्रावासों में भी इसी अभियान के तहत जांच की गई। जांच के दौरान किसी भी छात्रावास से कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है। घटना के बाद हॉस्टल परिसर में देर रात तक चर्चा का माहौल रहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस कार्रवाई को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
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नियमानुसार नहीं हुई प्रक्रिया : मुकेश
एसएफआई नेता मुकेश ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को विश्वास में लिए बिना छात्रावास में प्रवेश किया। कहा कि छात्र सुरक्षा जांच के विरोध में नहीं थे बल्कि स्थापित प्रक्रिया का पालन कराने की मांग कर रहे थे। कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है।



यह रूटीन चेकिंग थी : जिंटा
डीन स्टूडेंट वेलफेयर एवं चीफ वार्डन प्रो. रोशन लाल जिंटा ने कहा कि यह पुलिस की नियमित चेकिंग थी। सूचना मिलने पर संबंधित वार्डन तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद उनकी मौजूदगी में चेकिंग करवाई गई। यह कार्रवाई केवल वाईएसपी हॉस्टल तक सीमित नहीं थी बल्कि अन्य छात्रावासों में भी जांच की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया पूरी की।
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