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Shimla News: कविताओं से दिया नशे से दूर रहने का संदेश
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गेयटी में कवि सम्मेलन का आयोजन
गुप्तेश्वर ने जाड़े की धूप रचना ने बटोरीं तालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के सम्मेलन कक्ष में बुधवार को आयोजित कवि सम्मेलन में करीब 20 कवियों और साहित्यकारों ने भाग लिया।
कवियों ने अपनी कविताओं और साहित्य रचनाओं के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने सहित और संस्कृति को संजोने का महत्वपूर्ण संदेश दिए। इसमें गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय की जाड़े की धूप रचना ने खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर रचनाकार एस आर हरनोट ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला की ओर से नववर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित इस जिला स्तरीय बहुभाषी कवि गोष्ठी में विशेष रूप से हिंदी रचनाएं पेश की गईं। ओपी शर्मा ने मोबाइल ने दिए जीवन के कई रंग कविता पेश की, नारायण सिंह ने तंग है, पूजा सूद ने एक कोशिश और दिनेश गजटा ने जंगल जल रहे हैं कविता से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं वीरेंद्र वीर ने गांठें और उमा ठाकुर की कविता चिट्ठा छोड़ो जिंदगी अपनाओ कविता ने प्रशंसा पाई। इसके साथ ही प्रोमिला शर्मा ने संवारो सृष्टि, सत्या वसुंधरा ने वापसी की उम्मीद, भारती कुठियाला ने बतियाती स्त्रियां, राधा सिंह ने हे कवि, स्नेह नेगी ने खो जाती हूं, जगदीश कश्यप ने अच्छा लगता है, सरला कुमारी ने पहाड़, हरदेव धीमान ने मजदूर, त्रिलोक सूर्यवंशी ने मेरा मंडी कविता सुनाई।
मुख्य अतिथि एसआर हरनोट ने चिड़िया बजारिन कविता सुनाई जिसने खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि भाषा एवं संस्कृति विभाग की उपनिदेशक कुसुम संघाईक रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मस्तराम शर्मा ने की। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल ने सभी साहित्यकारों का धन्यवाद किया। मंच संचालन त्रिलोक सूर्यवंशी ने किया।
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गुप्तेश्वर ने जाड़े की धूप रचना ने बटोरीं तालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के सम्मेलन कक्ष में बुधवार को आयोजित कवि सम्मेलन में करीब 20 कवियों और साहित्यकारों ने भाग लिया।
कवियों ने अपनी कविताओं और साहित्य रचनाओं के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने सहित और संस्कृति को संजोने का महत्वपूर्ण संदेश दिए। इसमें गुप्तेश्वर नाथ उपाध्याय की जाड़े की धूप रचना ने खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर रचनाकार एस आर हरनोट ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। भाषा एवं संस्कृति विभाग जिला शिमला की ओर से नववर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित इस जिला स्तरीय बहुभाषी कवि गोष्ठी में विशेष रूप से हिंदी रचनाएं पेश की गईं। ओपी शर्मा ने मोबाइल ने दिए जीवन के कई रंग कविता पेश की, नारायण सिंह ने तंग है, पूजा सूद ने एक कोशिश और दिनेश गजटा ने जंगल जल रहे हैं कविता से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं वीरेंद्र वीर ने गांठें और उमा ठाकुर की कविता चिट्ठा छोड़ो जिंदगी अपनाओ कविता ने प्रशंसा पाई। इसके साथ ही प्रोमिला शर्मा ने संवारो सृष्टि, सत्या वसुंधरा ने वापसी की उम्मीद, भारती कुठियाला ने बतियाती स्त्रियां, राधा सिंह ने हे कवि, स्नेह नेगी ने खो जाती हूं, जगदीश कश्यप ने अच्छा लगता है, सरला कुमारी ने पहाड़, हरदेव धीमान ने मजदूर, त्रिलोक सूर्यवंशी ने मेरा मंडी कविता सुनाई।
मुख्य अतिथि एसआर हरनोट ने चिड़िया बजारिन कविता सुनाई जिसने खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि भाषा एवं संस्कृति विभाग की उपनिदेशक कुसुम संघाईक रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मस्तराम शर्मा ने की। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल ने सभी साहित्यकारों का धन्यवाद किया। मंच संचालन त्रिलोक सूर्यवंशी ने किया।
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