शिमला रैली में हिमाचल को ये बड़ी सौगात दे सकते हैं पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोल्ड ड्रिंक के लिए सेब खरीद की नई नीति का भी शिमला में एलान कर सकते हैं। इस मामले को शिमला के भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्यान में ला रहे हैं। मंडी रैली के दौरान भी प्रधानमंत्री ने हिमाचल के बागवानों को फलों के विपणन में राहत दिलाने के लिए ऐसे किसी प्रावधान का संकेत दिया था। इससे लंबे समय से आयात शुल्क बढ़वाने का मामला उठा रहे बागवानों को राहत मिल सकती है।
हिमाचल के बागवानों की सबसे बड़ी समस्या मंडियों में सेब की फसल को अच्छे दाम दिलवाना है। देश भर की मंडियों में विदेशी सेब के अटे पड़े रहने से सेब की फसल को अच्छे रेट इसीलिए ही नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में हिमाचल के सेब बागवान लंबे अरसे से आयात शुल्क को बढ़वाने का मामला उठा रहे हैं। वर्तमान में सेब की फ सल पर आयात शुल्क करीब 50 फीसदी है।
आयात शुल्क घटाने का मामला उठा रहे बागवानों को मिल सकती है राहत
दोहा राउंड में चल रही विश्व व्यापार मंडल की बैठक में अगर सेब को विशेष उत्पाद की श्रेणी में रखे जाने के लिए जोर नहीं दिया गया तो ये शुल्क भी 50 फीसदी से घटकर शून्य प्रतिशत हो सकता है। यानी विदेशों से सेब का आयात पूरी तरह से निशुल्क हो जाएगा। अगर ऐसा होता है तो सेब की फ सल को वर्तमान में भी जो दाम मिल रहे हैं, वे भी नहीं मिल पाएंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले भी हिमाचल के बागवानों को इस समस्या से निजात दिलाने का वादा किया था। पिछले साल की मंडी रैली में दिए संकेत से बागवानों को यह लग रहा है कि इस बार शिमला रैली में मोदी इस पर कुछ खास कह सकते हैं। मोदी ने कोल्ड ड्रिंक में सेब के जूस को मिलवाने की योजना बनाने की बात की थी।
शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के समक्ष इस विषय पर बात की जा रही है। उन्होंने उम्मीद की कि मंडी में जिस तरह से प्रधानमंत्री बागवानों को राहत देने के उपाय पर बात कर चुके हैं, वहीं शिमला रैली में हो सकता है कि इस विषय में वे कोई ठोस बात कहें।