कोरोना काल में फ्री छोले-भटूरे खिलाने पर मोदी ने की हिमाचल के सुनील की तारीफ
सुनील राणा अपनी बेटियों की बात को मानते हुए वैक्सीनेशन करवाने वालों को मुफ्त में छोले भटूरे खिलाने लग पड़े थे। जिस पर वह चर्चा में आए और अब प्रधानमंत्री ने उनकी तारीफ की है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में सुजानपुर उपमंडल के चबूतरा गांव निवासी सुनील राणा की तारीफ की है। चंडीगढ़ के सेक्टर 29 में रहने वाले सुनील राणा साइकिल पर छोले भटूरे बेचते हैं। उनको उनकी बेटी रिद्धिमा और भतीजी रिया ने कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों को निशुल्क में छोले भटूरे खिलाने के लिए कहा था।
सुनील राणा अपनी बेटियों की इस बात को मानते हुए वैक्सीनेशन करवाने वालों को मुफ्त में छोले भटूरे खिलाने लग पड़े थे। जिस पर वह चर्चा में आए और अब प्रधानमंत्री ने उनकी तारीफ की है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इसे प्रदेश के लिए गौरव की बात बताया है।
रविवार को उन्होंने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के लोहाखर बूथ पर मन की बात कार्यक्रम कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों के साथ सुना और यहां पर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। इससे पहले यहां पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री का पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि पूरे प्रदेश में वन महोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे में एक पौधा लगाएं और इस अभियान को सफल बनाएं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री लोगों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां देकर जागरूकता का संदेश देते हैं। मोदी ने ओलंपिक जाने वाले खिलाड़ियों को जीत कर आने की बात कही है।
प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात में गूंजी सीएसआईआर के सेब की गूंज
अब नार्थ ईस्ट के मणिपुर राज्य में हिमाचल के सेब की महक भी पहुंच गई है। मणिपुर में अब हिमाचल का सेब तैयार होने लगा है। पहली बार वहां हो रही सेब की पैदावार से खुश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात में भी जिक्र किया है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मणिपुर राज्य में भी हिमाचल का सेब आ गया है। इस सेब को मणिपुर में पहुंचाने का श्रेय सीएसआईआर-आईएचबीटी संस्थान पालमपुर को जाता है।
मणिपुर में तैयार हुए सेब की पौध आईएचबीटी पालमपुर में तैयार कर भेजी थी। बेहतर फसल के लिए यहां इसकी रूट ग्राफि्टंग कर निजी कंपनी से करीब तीस चालीस हजार सेब की पौध भेजी गई थी, जबकि सीएसआईआर में 2018 मणिपुर से आए किसानों को सेब की खेती के लिए बताया और उन्हें सेब को लगाने की पूरी विधि बताई थी। लिहाजा, भारत सरकार की नार्थ ईस्ट एजेंसी रिजन कम्युनिटी रिसोर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (नरकोरंप) के माध्यम से मणिपुर में सेब की खेती तैयार की गई।
इसका जिक्र मणिपुर के किसानों में डीडी इंफाल दूरदर्शन पर किया था कि हिमाचल के पालमपुर में स्थित सीएसआईआर की तकनीक से ही उन्होंने सेब की खेती शुरू की है। उधर, सीएसआईआर के निदेशक डा. संजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि सीएसआईआर पालमपुर की ओर से तैयार की गई सेब की पौध से मणिपुर में सेब तैयार हो गया है। उन्हें इस बात का गर्व है कि जिसका जिक्र रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मन की बात में किया। कहा कि सीएसआईआर पालमपुर में मणिपुर के किसानों को सेब लगाने की पूरी तकनीक बताई थी।