शहरी निकायों को पंद्रह दिन में पैसा जारी नहीं किया तो देना होगा ब्याज
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केंद्र से राशि मिलने के बाद शहरी निकायों को पंद्रह दिन में पैसा जारी नहीं किया गया तो प्रदेश सरकार को उन्हें ब्याज भी देना होगा। ब्याज आरबीआई की ओर से तय की दर पर देना पड़ेगा। मोदी सरकार ने इस शर्त के साथ हिमाचल को चौदहवें वित्त आयोग की बेसिक ग्रांट की चालू वित्त वर्ष में पहली किस्त जारी की है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हिमाचल समेत छह राज्यों को इस बाबत पत्र जारी किया है। वित्तायोग मंडल के निदेशक भारतेंदु कुमार सिंह ने यह पत्र हिमाचल के अलावा उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, मिजोरम और उड़ीसा के वित्त सचिवों को भेजा है।
छह राज्यों को जारी किया पत्र
इन छह राज्यों के लिए कुल 982.54 करोड़ की राशि जारी की गई है। हालांकि हिमाचल को सिर्फ 14.63 करोड़ रुपये ही मिले हैं। पत्र में कहा गया है कि ग्रांट की पहली किस्त आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय की संस्तुति के बाद जारी की जा रही है।
इसमें कहा गया है कि यह पैसा मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर ही शहरी निकायों को भेज देना होगा। अगर पैसा देरी से दिया तो राज्य सरकारों को साथ में रिजर्व बैंक की ओर से तय ब्याज भी निकायों को देना होगा। राज्य सरकार के एक आला अधिकारी ने इस पत्र के मिलने की पुष्टि की है।