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धूमल ने सीएम वीरभद्र सिंह पर साधा निशाना
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Thu, 03 Sep 2015 11:18 AM IST
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नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश की सड़कों की खराब हालत पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पौने तीन साल बीत चुके हैं लेकिन आज तक न तो सड़कों की हालत सुधरी है और न ही लोनिवि के किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई हो पाई।
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पत्रकार वार्ता में धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में बयान दिया था कि अगर शीघ्र सड़कों की हालत न सुधरी तो एक्सईएन को एसडीओ, जबकि एसडीओ को जेई के पद पर डिमोट किया जाएगा। लेकिन आज तक सड़कों की हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नाथपा और चंबा के चुराह में हादसे सड़कों की खराब दशा के कारण ही हुए हैं।
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धूमल ने कहा कि विस अध्यक्ष ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को आमंत्रित कर विस सत्र से पूर्व 20 अगस्त को बैठक बुलाई। लेकिन विपक्ष की ओर से नोटिस देने के बावजूद प्रदेश सरकार ने सदन में प्रश्नकाल में भ्रष्टाचार, शिमला में ट्रैफिक समस्या, संजौली कालेज में मारपीट जैसे अहम मुद्दों को चर्चा में शामिल नहीं किया।
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संजौली कालेज के प्रिंसिपल ने कालेज छात्र को बालों से घसीटा था, जिस पर बाद में विवाद हुआ। धूमल ने कहा कि यह प्रिंसिपल से मारपीट निंदनीय है, लेकिन सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। स्पीकर ने जल्दबाजी में कुछ बिल पास कर दिए।
वर्ष 2002 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने हिमाचल प्रदेश रेगुलेशन आफ लैंड एक्ट रूल 2002 को नोटिफाई किया था ताकि प्रदेश के छोटे-मंझोले किसान-बागवानों, अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, भूतपूर्व सैनिकों, अपंगों व विधवाओं समेत कमजोर वर्गों के छोटे-मोटे अवैध कब्जों को नियमित किया जा सके। लेकिन वर्ष 2003 में सरकार बदलने के बाद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।