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पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने सीयू के मुद्दे पर वीरभद्र सिंह को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरागोपीपुर (कांगड़ा)
Updated Mon, 08 Feb 2016 09:05 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश सरकार को विवादों को जन्म देने वाली, जनहित योजनाओं और विकास योजनाओं को दरकिनार करने वाली सरकार बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आगामी बजट सत्र के दौरान गत तीन वर्षों की असफलताओं पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा।
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धूमल रविवार को देहरा में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान जनहित तथा विकास से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। जिला कांगड़ा के विधायकों की ओर से विधायक प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार करने पर प्रो.धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसे भी राजनीतिक रंग देकर चुने हुए प्रतिनिधियों को प्रताड़ित करने का माध्यम बना दिया है।
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तीन वर्षों के दौरान विपक्ष के विधायकों की प्राथमिकताओं को पूरी तरह नजर अंदाज किया गया है। राजधानी शिमला में फैले पीलिया रोग पर सरकार को घेरते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि पेयजल आपूर्ति को लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई नाकाफी है।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण को राजनीतिक द्वेष भावना के चलते जानबूझ कर उलझाने का आरोप लगाते हुए प्रो. धूमल ने तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2010 में सीयू के निर्माण के लिए भूमि का चयन करने वाले केंद्रीय दल ने 3 बार प्रदेश का दौरा किया और तब तत्कालीन भाजपा सरकार ने जसूर से लेकर बैजनाथ तक जिला कांगड़ा की सीमा बताते हुए कही भी सीयू की स्थापना की बात कही थी।
देहरा स्थित भूमि के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी एनओसी मिल चुकी है तथा लगभग 900 कनाल भूमि शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित की जा चुकी है। अब जनता ही इस बात का फैसला करे कि कौन तथ्यों को झुठला कर केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में अड़ंगा लगा रहा है।