{"_id":"5cf77abcbdec22070971113c","slug":"phone-tapping-case-in-himachal-pradesh-ias-and-ips-officers-in-trouble","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोन टैपिंग मामला: आईएएस और आईपीएस अफसरों की बढ़ीं मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोन टैपिंग मामला: आईएएस और आईपीएस अफसरों की बढ़ीं मुश्किलें
Wed, 05 Jun 2019 01:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 05 Jun 2019 01:48 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिटायर्ड डीजीपी आईडी भंडारी की ओर से फोन टैपिंग के फर्जी मामले में फंसाए जाने की शिकायत पर शिमला पुलिस ने विजिलेंस से रिकॉर्ड तलब कर लिया है। बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में भंडारी के बयान ने कई आईएएस और आईपीएस अफसरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिमला पुलिस अब एक-एक करके इन अफ सरों को थाने में हाजिर होने का हुक्मनामा भेजने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड भी विजिलेंस से कब्जे में लिया जा रहा है।
विज्ञापन
शिमला पुलिस को दिए बयान में भंडारी ने तत्कालीन मुख्य सचिव सुदृप्तो राय, तत्कालीन प्रधान सचिव पी मित्रा, तत्कालीन गृह सचिव पीसी धीमान, तत्कालीन सामान्य प्रशासन सचिव शुभाशीष अभिषेक त्रिवेदी पर फोन टैपिंग का झूठा केस तैयार करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
इनके अलावा पूर्व डीजीपी ने शिमला के तत्कालीन डीसीए एडीएम, एसडीएम सहित पुलिस महकमे के सीआईडी के तत्कालीन एडीजीपी एसकेबीएस नेगी, तत्कालीन विजिलेंस जांच अफ सर आईपीएस एपी सिंह, तत्कालीन एचपीएस पंकज शर्मा को भी बयान में नामजद किया है। शिमला पुलिस ने अदालत के आदेश पर दर्ज एफ आईआर के बाद पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी के बयान दर्ज किए हैं।
विज्ञापन
अब पुलिस इन अफसरों से जल्द पूछताछ करेगी और थाने में हाजिर होने के लिए हुक्मनामा भेजेगी। पूछताछ से पहले प्रश्नावली तैयार की जाएगी। लिखित में इन्हें जवाब देने होंगे, ताकि भविष्य में वे अपने बयान से मुकर न सकें। पूछताछ के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी।
यह है आरोप
आरोप है कि वीरभद्र सरकार के समय में तत्कालीन मुख्य सचिव, गृह सचिव, सामान्य प्रशासन सचिव पर तत्कालीन एडीजीपी सीआईडी के साथ 24 दिसंबर, 2013 को उनके कार्यालय में बिना अनुमति के प्रवेश करने और कंप्यूटर दस्तावेजों, अन्य गोपनीय सूचनाओं को कब्जे में लिया है। पूर्व डीजीपी का आरोप है कि इसके लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
क्या कहता है पुलिस प्रशासन
एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि फोन टेपिंग मामले में विजिलेंस से रिकॉर्ड लिया जा रहा है। इस मामले में पुलिस हर पहलू पर छानबीन कर जांच को आगे बढ़ा रही है।