हिमाचल: वैट घटाने से पेट्रोल-डीजल हुआ और सस्ता, जानें आज के रेट
एक्साइज ड्यूटी व वैट कम होने से प्रदेश में गुरुवार आधी रात से पेट्रोल 12 और डीजल 17 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है। शुक्रवार से राजधानी शिमला में पेट्रोल 95.76 और डीजल 80.34 रुपये प्रति लीटर बिका। रेट घटने से महंगाई से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
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केंद्र की ओर से पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और हिमाचल सरकार की ओर से वैट कम करने के फैसले से जनता को बड़ी राहत मिली है। एक्साइज ड्यूटी व वैट कम होने से प्रदेश में वीरवार रात 12 बजे से पेट्रोल 12 और डीजल 17 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है। शुक्रवार से राजधानी शिमला में पेट्रोल 95.76 और डीजल 80.34 रुपये प्रति लीटर बिका, जबकि धर्मशाला में पेट्रोल 94.88 और डीजल 79.68 रुपये प्रतिलीटर रहा। रेट घटने से महंगाई से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
उपचुनाव में भाजपा पर महंगाई की ही मार पड़ी है। पेट्रोल 106 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। कांग्रेस पार्टी ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया। भाजपा को चारों सीटें गंवानी पड़ी। उपचुनाव खत्म होते ही केंद्र और प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भी प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में तत्काल प्रभाव से पेट्रोल 12 और डीजल 17 रुपये प्रति लीटर सस्ता होगा। रबी सीजन से ठीक पहले ईंधन उपभोक्ताओं और किसानों के लिए यह एक बड़ी राहत है।
पेट्रोल-डीजल के दाम में कटौती नाकाफी, और वैट घटाए सरकार : राठौर
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में की गई कमी को नाकाफी करार दिया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी है बावजूद इसके मूल्य देश में अभी भी बहुत है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय जब कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल होती थी तो उस समय देश मे 71.41 रुपये पेट्रोल व 57.25 रुपये प्रति लीटर डीजल मिलता था। अब कच्चे तेल की कीमत आधी हैं तो सरकार पेट्रोल को 100 रुपये से ऊपर बेच रही है। उन्होंने कहा कि गत दो सालों में सरकार ने तेल से 33 लाख करोड़ से अधिक कमाई की है।
राठौर ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल व डीजल पर से वैट को और कम किया जाना चाहिए। राठौर ने कहा कि प्रदेश में हुए उपचुनाव परिणामों का असर दिखाने लगा है। बेलगाम सरकार पर लगाम लगाना जरूरी था। मंडी संसदीय सीट सहित प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस की जीत ने साबित कर दिया है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा सत्ता से बाहर होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुए उप चुनाव परिणामों के बाद मोदी और जयराम सरकार को प्रदेश के लोगों ने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है।
सीएम बोले- पेट्रोल, डीजल दामों में कमी को उपचुनाव से न जोड़ें
वहीं, सीएम जयराम ठाकुर ने साफ किया है कि उपचुनाव में हार का कारण उन्होंने महंगाई बताया था। यह नहीं कहा था कि महंगाई की वजह से चुनाव हारे, बल्कि यह कहा था कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाने की भरसक कोशिश की। सरकार और संगठन के स्तर पर मंथन किया जाएगा। चुनाव के बाद कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम पर सीएम ने कहा कि इसे चुनाव से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। कहा कि 2022 के लिए भाजपा के पास बहुत समय है तथा आने वालों चुनावों में भाजपा एकजुट होकर एक शक्तिशाली संगठन के रूप में एकजुट होकर आगे बढ़ेगी।
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