फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   personnel department will investigate the case of Higher Education Director himachal

उच्च शिक्षा निदेशक के खिलाफ अब कार्मिक महकमा करेगा जांच

Thu, 21 Feb 2019 02:51 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Thu, 21 Feb 2019 02:51 PM IST
विज्ञापन
personnel department will investigate the case of Higher Education Director himachal

भाजपा विधायक रमेश धवाला द्वारा उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा पर लगाए गए आरोपों की जांच अब कार्मिक महकमा करेगा। प्रधान सचिव शिक्षा ने उपायुक्त कांगड़ा से ज्वालाजी कॉलेज मामले की जांच करवाने की कार्मिक महकमे से सिफारिश की है। विभागाध्यक्ष होने के नाते उच्च शिक्षा निदेशक कार्मिक महकमे के तहत आते हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कार्मिक महकमे के पाले में गेंद डाल दी है।

विज्ञापन


राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और ज्वालामुखी से भाजपा विधायक रमेश धवाला ने उच्च शिक्षा निदेशक की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा पर ज्वालामुखी कॉलेज में नियमों के खिलाफ 33 शिक्षकों की भर्ती करने का आरोप है। एक चहेते को सभी नियम दरकिनार कर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने का भी आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन


धवाला ने जनवरी में इस बाबत प्रेस वार्ता कर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। धवाला ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भेजे शिकायती पत्र में निदेशक को तत्काल हटाने और मामले की विजिलेंस से जांच की मांग की है। धवाला की इस चेतावनी के बाद शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव शिक्षा को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था। प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने ज्वालाजी कॉलेज से इस बाबत रिकॉर्ड तलब कर मामले की प्रारंभिक जांच भी की है। अब कार्रवाई करने की जगह शिक्षा विभाग ने कार्मिक विभाग के पाले में मामला डाल दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

धवाला के आरोप

personnel department will investigate the case of Higher Education Director himachal

उच्च शिक्षा निदेशक जब ज्वालाजी कॉलेज में प्रिंसिपल थे तो उन्होंने 33 कर्मचारियों को पीटीए के तहत भर्ती किया। पीटीए फंड के 25 लाख रुपये इन कर्मियों को वेतन के रूप में दिया जबकि कॉलेज में 35 लोगों का स्टाफ पहले से था। साल 2011-12 में ज्वालाजी कॉलेज में पीरियड आधार पर इतिहास के सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार हुए। इसमें संजय कुमार छठे नंबर पर थे।

बावजूद इसके इन्हें तैनाती दी गई। कॉलेज के अधिग्रहण का फैसला 2013 में हुआ। उस समय इनकी नियुक्ति को अपात्र पाया गया। इसके बावजूद इन्हें दोबारा से पीरियड आधार पर रखा। 2014 मेें अपने ही स्तर पर अनुबंध पर रख लिया।

निदेशक बनने के बाद चहेते सहायक प्रोफेसर को नियमित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया। कैबिनेट को गुमराह कर नियमित करवाने के आदेश जारी कर दिए। डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा निदेशक बनने के लिए पात्रता भी पूरी नहीं करते हैं। बावजूद इसके इन्हें निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed