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Shimla News: छात्रों के निष्कासन के खिलाफ पीपल्स यूनियन ने किया प्रदर्शन

Tue, 12 Nov 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:59 PM IST
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People's Union demonstrated against the expulsion of students
निष्कासन वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की धमकी
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विद्यार्थियों का यह निष्कासन अवैध : फालमा चौहान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में संजौली कॉलेज से निष्कासित 6 विद्यार्थियों के निष्कासन को वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबरटीज एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन किया गया।

इसमें छात्र संगठन एसएफआई के वर्तमान और पूर्व नेताओं के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। विवि में हुए इस प्रदर्शन में संजौली कॉलेज प्रशासन और इस मामले में विवि प्रशासन के स्तर पर इसे गंभीरता से न लिए जाने पर रोष व्यक्त किया गया। विवि प्रशासन और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। कुलपति कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए एसएफआई की पूर्व अध्यक्ष फालमा चौहान ने कहा कि संजौली कॉलेज में छात्रावासों की फीस बढ़ाने और छात्र समस्याओं को लेकर एसएफआई के आंदोलन को दबाने के लिए कॉलेज प्राचार्य ने दो छात्राओं और चार छात्र नेताओं को निष्कासित कर दिया। एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे एसएफआई के इन नेताओं की बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि यह निष्कासन अवैध है और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार लिंग संवेदनशील कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। एसएफआई के राज्य सचिव दिनीत देंटा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन तानाशाह की तरह कार्य कर रहा है, छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों को कक्षा लगाने और परीक्षा तक देने की अनुमति नहीं दी गई। छात्रों और अभिभावकों के बार-बार आग्रह करने पर भी निष्कासन वापस नहीं लिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश माननीय उच्च न्यायालय ने छात्रों को परीक्षा देने के लिए कॉलेज प्रशासन को अनुमति देने के आदेश दिए हैं। देंटा ने यूनियन की ओर से मांग उठाई कि अवैध निष्कासन को वापस लिया जाए। प्रदर्शन में पूर्व विधायक राकेश सिंघा ,एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष अनिल ठाकुर, पूर्व मेयर संजय चौहान, माकपा नेता विजेेंद्र मेहरा सहित अन्य नेता शामिल हुए।
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