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Shimla News: कैदियों के हुनर से चमके फर्नीचर के कायल हुए लोग
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कंडा जेल के कैदियों के बनाए उत्पादों की गेयटी में प्रदर्शनी शुरू, फर्नीचर, कपड़े और बेकरी उत्पाद शामिल
शॉल और पहाड़ी टोपियां भी बिक्री के लिए उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में मंगलवार को कंडा जेल के कैदियों द्वारा बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू हुई। प्रदर्शनी का आयोजन कारागार एवं सुधारात्मक सेवा विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से किया है। इसका शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने दोपहर 3:00 बजे किया।
प्रदर्शनी में कंडा जेल के 60 कैदियों द्वारा तैयार किए उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें फर्नीचर, कपड़े और बेकरी उत्पाद शामिल हैं। यह उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। इनमें पुरुष और महिला कैदियों के कौशल को दर्शाया है। प्रदर्शित फर्नीचर में सोफा सेट, रॉकिंग चेयर, कुर्सियां, टेबल, डाइनिंग टेबल और रैक शामिल हैं। इसके साथ ही हस्तनिर्मित कपड़े, शॉल और पहाड़ी टोपियां भी प्रदर्शनी में रखी हैं। ऊन से तैयार क्रोशिया उत्पाद और सजावटी सामान भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक (कारागार) अभिषेक त्रिवेदी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक रमेश छाज्टा भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।
आयोजकों ने बताया कि यह प्रदर्शनी कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से उनके हुनर को पहचान मिल रही है। कैदियों द्वारा बनाए उत्पादों की बिक्री से उन्हें आर्थिक सहायता भी मिलेगी। यह पहल उनके पुनर्वास में सहायक होगी। प्रदर्शनी में रखे उत्पादों की कीमत 30 रुपये से 45 हजार रुपये तक रखी है। यह प्रदर्शनी 4 सितंबर तक चलेगी।
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शॉल और पहाड़ी टोपियां भी बिक्री के लिए उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में मंगलवार को कंडा जेल के कैदियों द्वारा बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू हुई। प्रदर्शनी का आयोजन कारागार एवं सुधारात्मक सेवा विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से किया है। इसका शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने दोपहर 3:00 बजे किया।
प्रदर्शनी में कंडा जेल के 60 कैदियों द्वारा तैयार किए उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें फर्नीचर, कपड़े और बेकरी उत्पाद शामिल हैं। यह उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। इनमें पुरुष और महिला कैदियों के कौशल को दर्शाया है। प्रदर्शित फर्नीचर में सोफा सेट, रॉकिंग चेयर, कुर्सियां, टेबल, डाइनिंग टेबल और रैक शामिल हैं। इसके साथ ही हस्तनिर्मित कपड़े, शॉल और पहाड़ी टोपियां भी प्रदर्शनी में रखी हैं। ऊन से तैयार क्रोशिया उत्पाद और सजावटी सामान भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक (कारागार) अभिषेक त्रिवेदी इस अवसर पर उपस्थित रहे। इनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक रमेश छाज्टा भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।
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आयोजकों ने बताया कि यह प्रदर्शनी कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से उनके हुनर को पहचान मिल रही है। कैदियों द्वारा बनाए उत्पादों की बिक्री से उन्हें आर्थिक सहायता भी मिलेगी। यह पहल उनके पुनर्वास में सहायक होगी। प्रदर्शनी में रखे उत्पादों की कीमत 30 रुपये से 45 हजार रुपये तक रखी है। यह प्रदर्शनी 4 सितंबर तक चलेगी।
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