जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे लोग, आठ माह पहले बह गया पुल
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चंबा के चुराह उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत आयल में स्कूल जाने के लिए विद्यार्थियों को रास्ते में आने वाले लपेटा नाले को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है। पानी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को इसे पार करना मुश्किल हो गया है।
मजबूरी में अभिभावक खुद बच्चों को पीठ पर उठाकर नाले को पार करवा रहे हैं। नाले के ऊपर बना पुल आठ माह पहले बाढ़ में बह गया है। आज तक वहां पर किसी अन्य पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को इस बारे में अवगत करवाया।
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने नेताओं पर अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि नेता चुनावी समय में पक्की पुली बनाने का वायदा करते हैं। लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद भूल जाते हैं। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।
सरकार और प्रशासन का नहीं ध्यान
गौरतलब है कि इस बार सर्दियों के मौसम में क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ है। इसके बाद यहां नदी नालों का जलस्तर बढ़ गया है। स्कूली बच्चों के अभिभावक राजेश कुमार, पूर्ण चंद, अंबिका देवी, संतोष देवी, रत्न चंद, जीवन सिंह और नेक राम देवी राम का कहना है कि ऑयल स्कूल के लिए रोजाना बच्चें आवाजाही करते हैं।
लेकिन उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि वे खुद नाला पार करवाने के लिए जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसडीएम तीसा हेम चंद वर्मा ने बताया कि इस बारे संबंधी बीडीओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कहा कि समस्या के समाधान के लिए उचित पग उठाए जाएंगे। बीडीओ को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।