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यहां न्याय नहीं, मिलती है तो बस तारीख

Sat, 13 Dec 2014 11:14 AM IST
Updated Sat, 13 Dec 2014 11:14 AM IST
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pending land and revenue cases at divisional commissioner court una.

दिन : शुक्रवार। समय सुबह के 10:30 बजे। स्थान उपायुक्त का अदालत कक्ष। फरियादियों की भीड़ लगी है। 77 वर्षीय बुजुर्ग बंशी लाल शर्मा खांसते हुए उपायुक्त कक्ष के बाहर लगी सूची में अपना नाम देख रहे हैं। यह पूछने पर कि वह किसलिए आए हैं। चेहरे पर एक विस्मय भरी मुस्कान के साथ वह जवाब देते हैं कि मैं तो यहां बीस साल से आ रहा हूं।

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किसलिए, यह मुझे भी नहीं पता। यह कहानी सिर्फ अकेले बंशी लाल की नहीं है। ऐसे कई लोग हैं जिनकी अदालत तक पहुंचते-पहुंचते एड़ियां घिस चुकी हैं, लेकिन उन्हें न्याय या फैसले की जगह मिली है तो बस तारीख। हैरतअंगेज है कि शुक्रवार को ऊना जिला मुख्यालय स्थित उपायुक्त के अदालत कक्ष में मौजूदा वर्ष में डिविजनल कमिश्नर की 26वीं अदालत तय थी, लेकिन इस बार भी पेशी भुगतने के लिए आए लोग खुद को ठगा सा महसूस करके बैरंग लौट गए।
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बीस सालों से ऊना में पेशी भुगतने आ रहा हूं

pending land and revenue cases at divisional commissioner court una.

अमर उजाला पहले भी इस मामले को प्रमुखता से उठा चुका है। कोटला खुर्द निवासी 77 वर्षीय बंशी लाल शर्मा का कहना है कि वह बीस सालों से ऊना में पेशी भुगतने जा रहे हैं। उनकी जमीन की दुरुस्ती का मामला मंडलायुक्त की अदालत में लगा है। अब तक वह 50 पेशियां भुगत चुके हैं, लेकिन उन्हें न तो इंसाफ मिला न ही फैसला।

वहीं भटोली निवासी सतीश कुमार शर्मा का कहना है कि इस वर्ष यह 26वीं तारीख थी, लेकिन मंडलायुक्त अदालत में नहीं पहुंचे। लोग हर बार इस उम्मीद से पहुंचते हैं कि इस बार उनके मामले का फैसला हो जाएगा, लेकिन एक साल से कोर्ट ही नहीं लग रही। लोगों को सिर्फ सम्मन और तारीख मिलती है।

हर बार मिलती है अगली तारीख

pending land and revenue cases at divisional commissioner court una.

कलेहड़ा निवासी बलराम, कोटला खुर्द निवासी राम लाल व जीत राम का भी कहना है कि वह हर बार कई किलोमीटर दूर चलकर ऊना पहुंचते हैं, लेकिन यहां आकर पता चलता है कि साहब नहीं आए हैं। पेशी की तारीख आगे कर दी गई है। एक साल तक कांगड़ा स्थित मंडलायुक्त का पद खाली रहा, जिसके चलते मंडी के मंडलायुक्त के पास कांगड़ा मंडल का अतिरिक्त प्रभार था। लेकिन वह ऊना नहीं पहुंच पाए।

अब कांगड़ा में मंडलायुक्त के पद पर वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी की तैनाती हो गई है, लेकिन अभी भी ऊना के लोगों के अदालत लगने का इंतजार है। मंडलायुक्त कांगड़ा मनीष गर्ग का कहना है कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। धर्मशाला में विस सत्र होने की वजह से वह अदालत में नहीं पहुंच पाए।

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