पढ़िए, हिमाचल में वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर
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वेतन बढ़ोतरी मामले में पंजाब पर हिमाचल की निगाहें टिक गई हैं। हिमाचल में पंजाब वेतन आयोग जैसा करेगा। प्रदेश सरकार उसी का अनुसरण करेगा। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अच्छे दिन अब बस कुछ महीने दूर हैं। न्यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर की अध्यक्षता वाले सातवें वेतन आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है।
आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में 23.55 फीसदी की बढ़ोतरी की सिफारिश की है। इसमें कर्मचारियों के वेतन में जहां 16 फीसदी की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है, वहीं उनके भत्तों में 63 फीसदी वृद्धि की गई है। सबसे ज्यादा फायदे की बात पेंशनभोगियों के लिए है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने कहा है कि जैसा पंजाब करता है। हिमाचल सरकार भी ठीक वैसे ही करती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों का ही इंतजार रहेगा। पंजाब वेतन आयोग हमेशा केंद्रीय वेतन आयोग को ही फॉलो करता है। अभी तो केंद्रीय आयोग की भी सिफारिशें ही आएंगी।
अब इस भर्ती में नहीं होगा साक्षात्कार
वहीं, एसजेवीएन ने गैर कार्य पालकों की भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार को समाप्त कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई घोषणा के मुताबिक एसजेवीएन बोर्ड ने एसजेवीएन में गैर कार्यपालकों की भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार को खत्म कर दिया है।
निगम के अपर महाप्रबंधक विजय प्रसाद ने बताया कि एसजेवीएन में अब गैर कार्यपालकों की भर्ती लिखित परीक्षा, ट्रेड टेस्ट, कार्यकुशलता परीक्षा में से जो भी आवश्यक होगी, उसके माध्यम से होगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने निचली श्रेणियों में होने वाली भर्ती में इंटरव्यू को खत्म करने की पहल की है। इसे अब कई राज्य लागू करने लग गए हैं।