पटवारी परीक्षा: अनुपस्थित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट पर पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर, मचा घमासान
हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग में पटवारी के खाली पदों को भरने के लिए हुई लिखित परीक्षा सवालों के घेरे में है। प्रदेश में पहली बार किसी भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की खाली सीट पर पर्यवेक्षकों के हस्ताक्षर करवाए गए। राज्य लोक सेवा आयोग और प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की ओर से ली जाने वाली भर्ती परीक्षाओं में इस तरह के नियम व शर्तें नहीं होती हैं। पटवारी पदों के लिए खाली ओएमआर सीट पर पर्यवेक्षकों के हस्ताक्षर से यह भर्ती परीक्षा विवादों में आ गई है।
अभ्यर्थियों ने परीक्षा का संचालन करने वाले विभाग की मंशा पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों राजेश शर्मा, विनोद पठानिया, राहुल, प्रदीप कुमार, सुरेश ठाकुर, वंदना कुमारी, प्रियंका, अनीता और शैलजा ने कहा कि रविवार को प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में राजस्व विभाग में पटवारियों के पदों को भरने के लिए लिखित परीक्षा ली गई, लेकिन केंद्र में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट पर पहली बार पर्यवेक्षक एवं इनविजीलेटर के हस्ताक्षर करवाए गए।
उन्होंने बताया कि खाली ओएमआर शीट पर पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने से बाद में इस सीट से चहेते को लाभ पहुंचाया जा सकता है। पहले से पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर वाली ओएमआर सीट पर सही उत्तर कहीं भी आसानी से हल किए जा सकते हैं। हालांकि, राजस्व विभाग ने इस तरह की आशंकाओं को सिरे से नकारा है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अनुपस्थित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट पर पर्यवेक्षकों के हस्ताक्षर इसलिए करवाए गए हैं कि पता चल सके कि कुल अभ्यर्थियों में से कितने परीक्षा केंद्र में उपस्थित रहे और कितने अनुपस्थित रहे। राजस्व विभाग ने यह भी कहा कि हाजिरी रजिस्टर पर भी अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों का कॉलम में अनुपस्थिति दर्ज है। किसी भी तरह की हेराफेरी की आशंका न के बराबर है।
उधर, प्रदेश लैंड एंड रिवेन्यू विभाग के निदेशक डीएस नेगी ने बताया कि अनुपस्थित अभ्यर्थियों की ओएमआर सीट पर पर्यवेक्षकों के हस्ताक्षर करने के निर्देश जारी किए गए थे, ताकि खाली सीटों का दुरुपयोग ना हो पाए। जो अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, उनकी ओएमआर शीट का अलग से पैकेट बनाया गया है। लिखित परीक्षा में पूरी पारदर्शिता बरती गई है।
कम मानदेय पर पर्यवेक्षकों ने उठाए सवाल.
पटवारी भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए पर्यवेक्षकों को 225 प्रति पर्यवेक्षक मानदेय दिया गया। पुलिस भर्ती में प्रति पर्यवेक्षक 300 मानदेय दिया गया था, लेकिन पटवारी भर्ती में कम मानदेय मिलने से पर्यवेक्षकों में रोष है।