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18 घंटे तक जंगल में भटकते रहे तीन छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बंजार (कुल्लू)
Updated Thu, 16 Apr 2015 07:38 PM IST
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वाईपीएस स्कूल पटियाला का एक दल हिमाचल के कुल्लू में बश्लेऊ जोत में रास्ता भटक जाने के कारण करीब 18 घंटे भटकता रहा। इससे पहले कि कोई बड़ा हादसा होता, प्रशासन और पुलिस के बचाव दल ने छात्रों को तलाश कर सुरक्षित बंजार पहुंचाया। उक्त दल निरमंड से ट्रैकिंग करते हुए चला था, जहां से उसे मनाली पहुंचना था।
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लेकिन, बश्लेऊ जोत पर पहुंचने के बाद छात्रों का यह दल रास्ता भटक गया था। हालांकि, बताया जा रहा है कि इस स्कूल के दल ने जिला प्रशासन को भी टूअर के बारे में कोई सूचना नहीं दी थी। जानकारी के अनुसार बुधवार को यादविंद्र पब्लिक स्कूल पटियाला के 23 छात्रों तथा तीन अध्यापकों में से 3 छात्र बश्लेऊ दर्रे के पास मौसम खराब होने के कारण रास्ता भटक गए।
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इसके बाद अन्य छात्रों ने कुछ समय तक इन तीन छात्रों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं लग पाया। इस दौरान दूसरे छात्रों को और अध्यापकों को भी बशलेऊ में एक चट्टान के नीचे रात गुजारनी पड़ी। जबकि, तीनों छात्र जंगल में भटकते रहे। थक हार कर छात्रों ने पुलिस को सौ नंबर पर सूचना दी।
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सूचना मिलते ही एसएचओ बंजार सदानंद की अध्यक्षता में लापता छात्रों को तलाश जारी कर दी गई। वहीं, जिला प्रशासन ने भी चार दल मौके पर रवाना किए। लेकिन मौसम खराब होने के कारण अभियान जारी नहीं रखा जा सका। वीरवार सुबह बचाव दल स्थानीय युवाओं की सहायता से एक बार फिर से बश्लेऊ की तरफ निकला और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को तलाश किया।
वहीं, सूचना मिलते ही एडीएम कुल्लू विनय सिंह तथा डीएसपी संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे और पूरे अभियान को ऑपरेट किया। इस दौरान बच्चों को बशलेऊ जोत से सुरक्षित निकाल कर बठाहड़ लाया। एडीएम ने बताया कि छात्रों को 25 जैकेट कंबल छात्रों को दिए गए। वहीं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुशील चंद की स्वास्थ्य टीम भी मौजूद रही।
ये लोग फंसे रहे रात भर जोत में
अध्यापिका शिमरीत मल्होत्रा, हर सिमरन जीत कौर, यादविंद्र पब्लिक स्कूल के छात्रों में कर्मवीर सिंह, अस्मीत, फतवीर सिंह, मनवीर सिंह, हुसैनवीर सिंह, उदय सिंह चिमा, गुरलीन सिंह, जगवीर सिंह, रिद्धी राज, जगजीत सिंह सिद्वू, मित सिंह, सर्वजीत सिंह, सुजल मितल, अमरीत गोयल, सिवम मितल,अकुंश मित्रा, मनमीत सिंह तलवार, आदर्श जैन,नील कंवर, हजरनजीत शामिल है।
ये छात्र भटके थे रास्ता
लवप्रित, जग शेर और जर्मन निवासी कांस्टैंटिग रास्ता भट गए थे। लवप्रित ने बताया कि वह रास्ता भटकने के बाद रात भर बचाव दल के संपर्क में रहे। लेकिन बारिश बारिश और बर्फबारी के कारण बचाव दल उन तक रात को नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि उनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि तीनों ने पूरी रात बर्फ पर ही काटी। ठंड से शरीर जम गया था।