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Shimla News: एक्सरे करवाने के लिए नहीं भटकेंगे मरीज, घरद्वार मिलेगी सुविधा
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नेशनल हेल्थ मिशन ने स्वास्थ्य विभाग को दी छह पोर्टेबल एक्सरे मशीनें, अब निजी क्लीनिकों में नहीं जाना पड़ेगा
गांवों में लगने वाले शिविरों में आसानी से पहुंचेगी मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अब घरद्वार पर स्वास्थ्य जांचना और आसान हो जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने जिला स्वास्थ्य विभाग को छह पोर्टेबल एक्सरे मशीनें दी हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इस मशीन को आसानी से उठाकर एक व्यक्ति ले जा सकता है।
इससे लोगों को भी एक्सरे करवाने के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे पहले स्वास्थ्य शिविर के दौरान लिखे जाने वाले एक्सरे करवाने के लिए लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आना पड़ता था। जहां पर लोगों को लंबी लाइन में खड़े रहने के बाद एक्सरे करवाने पड़ते थे। इस झंझट से अब स्वास्थ्य शिविर में जांच करवाने वालों को छुटकारा मिल जाएगा।
एक पोर्टेबल एक्सरे मशीन की कीमत 20 लाख रुपये है। खास बात यह है कि मशीन में कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। इससे मरीज की बीमारी का पता लगाना और आसान हो जाएगा। साथ ही लोगों को प्रिंट भी मौके पर ही मिल जाएगा। अभी तक जिले में एक ही पोर्टेबल मशीन दी थी। इसे जिले में लगने वाले सभी स्वास्थ्य जांच शिविर में भेजा जाता था। इससे कई बार दो जगहों पर एक साथ शिविर लगाने में दिक्कत आती थी। परंतु अब एक साथ सात जगहों पर शिविर आयोजित किए जा सकेंगे। इन शिविर में न केवल क्षय रोग की स्क्रीनिंग में आसानी होगी। वहीं, कई बार दर्द के कारण अस्पताल न पहुंचने वाले मरीजों के भी शिविर में एक्सरे हो सकेंगे।
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इन अस्पतालों को दी गई मशीन
जिले के छह अस्पतालों में मशीनें उपलब्ध करवा दी हैं। इसमें कुमारसैन, मतियाना, मशोबरा, चौपाल, चिड़गांव और कोटखाई शामिल हैं। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में अब आगामी दिनों से आसानी से लोग घरद्वार पर ही एक्सरे भी करवा सकेंगे।
कोट...
जिले में छह पोर्टेबल एक्सरे मशीनें मिली हैं। इससे लोगों के एक्सरे करने में और आसानी हो जाएगी। सबसे अधिक फायदा लोगों शिविर के दौरान होगा। जहां पर छाती समेत अन्य जगहों के एक्सरे मौके पर ही हो जाएंगे।
-डॉ. यशपाल रांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला
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गांवों में लगने वाले शिविरों में आसानी से पहुंचेगी मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अब घरद्वार पर स्वास्थ्य जांचना और आसान हो जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने जिला स्वास्थ्य विभाग को छह पोर्टेबल एक्सरे मशीनें दी हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इस मशीन को आसानी से उठाकर एक व्यक्ति ले जा सकता है।
इससे लोगों को भी एक्सरे करवाने के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे पहले स्वास्थ्य शिविर के दौरान लिखे जाने वाले एक्सरे करवाने के लिए लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आना पड़ता था। जहां पर लोगों को लंबी लाइन में खड़े रहने के बाद एक्सरे करवाने पड़ते थे। इस झंझट से अब स्वास्थ्य शिविर में जांच करवाने वालों को छुटकारा मिल जाएगा।
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एक पोर्टेबल एक्सरे मशीन की कीमत 20 लाख रुपये है। खास बात यह है कि मशीन में कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। इससे मरीज की बीमारी का पता लगाना और आसान हो जाएगा। साथ ही लोगों को प्रिंट भी मौके पर ही मिल जाएगा। अभी तक जिले में एक ही पोर्टेबल मशीन दी थी। इसे जिले में लगने वाले सभी स्वास्थ्य जांच शिविर में भेजा जाता था। इससे कई बार दो जगहों पर एक साथ शिविर लगाने में दिक्कत आती थी। परंतु अब एक साथ सात जगहों पर शिविर आयोजित किए जा सकेंगे। इन शिविर में न केवल क्षय रोग की स्क्रीनिंग में आसानी होगी। वहीं, कई बार दर्द के कारण अस्पताल न पहुंचने वाले मरीजों के भी शिविर में एक्सरे हो सकेंगे।
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इन अस्पतालों को दी गई मशीन
जिले के छह अस्पतालों में मशीनें उपलब्ध करवा दी हैं। इसमें कुमारसैन, मतियाना, मशोबरा, चौपाल, चिड़गांव और कोटखाई शामिल हैं। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में अब आगामी दिनों से आसानी से लोग घरद्वार पर ही एक्सरे भी करवा सकेंगे।
कोट...
जिले में छह पोर्टेबल एक्सरे मशीनें मिली हैं। इससे लोगों के एक्सरे करने में और आसानी हो जाएगी। सबसे अधिक फायदा लोगों शिविर के दौरान होगा। जहां पर छाती समेत अन्य जगहों के एक्सरे मौके पर ही हो जाएंगे।
-डॉ. यशपाल रांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला