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Shimla News: डीडीयू अस्पताल में दर्द से कराहते मरीज, एक्सरे के लिए लंबा इंतजार

Thu, 16 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:59 PM IST
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Patients groaning in pain at DDU Hospital; long wait for X-rays.
जोनल अस्पताल में एक ही मशीन के सहारे है एक्सरे व्यवस्था, खराब पड़ी दूसरी मशीन नहीं करवाई जा रही ठीक
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हर रोज दर्द झेलकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में एक ही एक्सरे मशीन है। दूसरी मशीन लंबे समय से खराब चल रही है। इस कारण हर रोज मरीजों को घंटों लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
इस कतार में टूटी टांग या बाजू फ्रेक्चर के मरीज भी दर्द से कराहते मिल जाएंगे लेकिन व्यवस्था संभालने वालों को इसकी परवाह नहीं। मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए दो से ढाई घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में केवल हड्डी रोग से संबंधित मरीजों के ही नहीं, बल्कि फेफड़ों और क्षय रोग (टीबी) की जांच के लिए भी एक्सरे किए जाते हैं। ऐसे में एक्सरे करवाने वाले मरीजों की संख्या अधिक रहती है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और गंभीर दर्द से जूझ रहे मरीजों को होती है। सुबह अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों की बारी दोपहर बाद आती है। वहीं जिन मरीजों को दोपहर के समय चिकित्सक एक्सरे लिखते हैं, उन्हें और अधिक इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीजों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मरीज कई बार अस्पताल प्रबंधन से खराब मशीन को ठीक करवाने या नई मशीन उपलब्ध कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। भीड़ अधिक होने के कारण कई मरीज मजबूरी में निजी लैब में जाकर एक्सरे करवाते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
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जोनल अस्पताल की प्रतिदिन औसतन ओपीडी 1,200 रहती है। दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन करीब 150 और मेडिसिन विभाग में 350 से 400 मरीज आते हैं। चिकित्सक बड़ी संख्या में मरीजों को एक्सरे की सलाह देते हैं। ऐसे में एक ही एक्सरे मशीन पर पूरा भार होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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क्या कहते हैं मरीज
साढ़े दस बजे बनाई पर्ची, एक बजे आई बारी

अस्पताल आए अनुज ने बताया कि टांग में फ्रेक्चर की आशंका के चलते वह अस्पताल आए थे। चिकित्सक ने एक्सरे करवाने के लिए कहा लेकिन उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे जांच कराने के बाद भी उनकी बारी दोपहर लगभग 1:00 बजे आई। एक अन्य मरीज ने बताया कि वह बाजू में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। सुबह 10:30 बजे पर्ची बनवाने और चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें एक्सरे के लिए भेजा गया, लेकिन उनकी बारी भी दोपहर बाद ही आ सकी।



कोट्स
एक्सरे मशीन के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में नई एक्सरे मशीन अस्पताल को उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
-डॉ. लोकेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू अस्पताल
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