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Shimla News: लाइनों में घूम रहा मरीजों का दर्द फिर टेस्ट कराने में छूटते हैं पसीने

Sat, 07 Feb 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:59 PM IST
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Patients are suffering in queues, then sweating to get tested.
डीडीयू अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की भीड़ के चलते अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की दरकार, मार्च में और लंबी होंगी लाइनें
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क्राॅसर

पर्ची काउंटर से ओपीडी और टेस्ट कराने के लिए रहती हैं लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में बीमारियों के टेस्ट करवाना मरीजों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। हर रोज मरीजों को यहां घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।

सबसे पहले सुबह पर्ची बनाने में ही मरीज को करीब एक से डेढ़ घंटा लग जाता है। पर्ची बनाने के लिए दो काउंटर हैं, एक महिलाओं और एक पुरुष मरीजों का। यहां मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहती हैं। इस लाइन से निकलने के बाद जब मरीज ओपीडी में पहुंचता है तो यहां भी मरीज को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद डॉक्टरों के लिखे टेस्ट करवाने की प्रक्रिया से जूझना पड़ता है। इसमें टेस्ट फार्म भरने, इसके लिए सीरींज लेने, टेस्ट के लिए ट्यूब लेने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इन सभी काउंटरों पर भी लाइनें लगी रहती हैं जिससे होकर मरीजों को गुजरना पड़ता है। डीडीयू अस्पताल में सरकार ने क्रस्ना लैब को टेस्ट करवाने के लिए अधिकृत कर रखा है। इसी लैब में मरीजों को सारे टेस्ट करवाने पड़ते हैं। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों का आंकड़ा 700 तक रहता है। इससे टेस्ट फार्म भरने और सैंपल एकत्र करने के काउंटर पर भीड़ बढ़ने लगी है।
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मार्च के बाद यह आंकड़ा 1400 के पार हो जाएगा। इसके बाद सभी काउंटरों पर कतारें भी लंबी हो जाएंगी। इससे मरीजों का दर्द और इंतजार बढ़ जाएगा। हालांकि काउंटर पर तैनात स्टाफ जल्द मरीजों को निपटाने का प्रयास करते हैं, लेकिन अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने की जरूरत है। हर मरीज ओपीडी में चिकित्सकों को दिखाने के साथ उपचार की जो प्रक्रिया शुरू होती है, उसके बाद लिखे जाने वाले हर तरह के टेस्ट के लिए फार्म भरने और सैंपल लेने से प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सैंपल के टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही चिकित्सक मरीज का उपचार लिखता है, या करता है। सुबह दस बजे से लेकर एक बजे तक इन काउंटर पर अधिक भीड़ होने के कारण मरीज के उपचार की प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
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आवश्कतानुसार होगी अतिरिक्त व्यवस्था : डाॅ. लोकिंद्र शर्मा
डीडीयू अस्पताल के एमएस डॉ. लोकिंद्र शर्मा ने कहा कि स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के खुलने के साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मार्च में मरीजों की संख्या 1400 पार कर जाती है। टेस्ट फार्म भरने के काउंटर पर और सैंपल कलेक्शन सेंटर पर मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है। आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार इन दोनों काउंटर पर व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा।
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