हिमाचल: करवाचौथ की रात चांद के साथ यादों में नजर आईं सिम्मी, मुकेश अग्निहोत्री ने AI वीडियो से फिर जीया वो पल
करवाचौथ की रात जब आसमान में चांद निकलता है, तो कई घरों में साथ और प्रेम की परंपराएं दोहराई जाती हैं। इसी दिन मुकेश अग्निहोत्री ने अपनी दिवंगत पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की याद को एआई वीडियो के जरिए साझा किया। 17 सेकेंड के इस वीडियो में छलनी से पति को निहारती सिम्मी की छवि दिखाई दी, जिसके साथ उन्होंने एक भावुक संदेश भी लिखा।
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करवाचौथ की रात... आसमान में चांद, हाथों में छलनी और उसके पार जीवनसाथी का चेहरा। यह दृश्य उन घरों में प्रेम और साथ की परंपरा को दोहराता है, जहां पति-पत्नी इस त्योहार को साथ मनाते हैं। लेकिन कुछ यादें ऐसी होती हैं, जिनमें साथ बिताए पल तो मौजूद रहते हैं, मगर उन्हें जीने वाला इंसान सामने नहीं होता। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की करवाचौथ पर साझा की गई पोस्ट कुछ ऐसी ही भावनाओं को सामने लाती है।
इस करवाचौथ पर मुकेश अग्निहोत्री ने अपनी दिवंगत पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री को एक अलग अंदाज में याद किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार 17 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में सिम्मी अग्निहोत्री पारंपरिक करवाचौथ की रस्म निभाती दिखाई देती हैं। उनके हाथ में छलनी है और वह उसके पार अपने पति को निहार रही हैं।
यह कोई लंबा संदेश या बड़ी तस्वीरों का संग्रह नहीं था। महज 17 सेकेंड की इस झलक में करवाचौथ से जुड़ी एक परिचित परंपरा को यादों के सहारे फिर से सामने लाने की कोशिश दिखाई दी।
वीडियो के साथ मुकेश अग्निहोत्री ने एक गीत भी जोड़ा, जिसके बोल हैं- 'ऐ काश देखूं मैं आज की रात, चांद और पिया दोनों एकसाथ'। इसके साथ लिखे उनके संदेश ने पोस्ट को और भावुक बना दिया। उन्होंने अपने रिश्ते का जिक्र करते हुए लिखा कि साथ निभाने का वादा केवल जिंदगी भर तक सीमित नहीं था। उनके शब्दों में, पत्नी के साथ उनका रिश्ता आज भी उतना ही अपना है, जितना उनके साथ रहते हुए था।
कुर्ते पर पत्नी का नाम, यादों को सहेजने का एक और तरीका
मुकेश अग्निहोत्री इससे पहले भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के प्रति अपने लगाव को अलग-अलग तरीकों से जाहिर कर चुके हैं। वह ऐसे कुर्ते में भी दिखाई दिए हैं, जिस पर सिम्मी अग्निहोत्री का नाम लिखा हुआ है।
त्योहार हर साल लौटते हैं। चांद फिर निकलता है, रस्में फिर निभाई जाती हैं और गीतों की वही धुनें सुनाई देती हैं। लेकिन हर किसी के लिए इन त्योहारों का अर्थ एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों के लिए ये मौके बीते दिनों की यादों को फिर से करीब ले आते हैं। मुकेश अग्निहोत्री की यह पोस्ट भी करवाचौथ के अवसर पर साझा की गई एक निजी याद है। 17 सेकेंड के वीडियो और कुछ भावुक शब्दों के जरिए उन्होंने प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री को याद किया।