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Shimla News: अस्पतालों में क्रस्ना लैब में मरीजों के टेस्ट फिर शुरू

Wed, 04 Nov 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2026 11:59 PM IST
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Patient testing resumes at Krsnaa Diagnostics labs in hospitals
दो दिन सेवाएं बाधित रहने से परेशान थे मरीज, आईजीएमसी में मरीजों को नहीं मिल रही थीं टेस्ट की सुविधा
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रूटीन टेस्ट करवाने में भी आ रही थीं दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत संचालित क्रस्ना लैब में मरीजों को फिर से टेस्ट की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है।
लैब में बुधवार से सेवाएं बहाल होने के बाद मरीजों को राहत मिली। प्रदेश के सबसे इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में टेस्ट करवाने के लिए मरीजों की कतारें लगी रहीं। दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और कमला नेहरू अस्पताल में भी क्रस्ना लैब ने रूटीन सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को निजी लैब का रुख नहीं करना पड़ा। हालांकि दो दिन तक क्रस्ना लैब की सेवाएं बाधित रहने से अस्पतालों की सरकारी प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं की सीमाएं भी सामने आईं। सरकारी प्रयोगशालाओं में सभी प्रकार के टेस्ट नहीं हो पाते हैं।
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बता दें कि सोमवार सुबह अचानक क्रस्ना लैब ने अस्पतालों में टेस्ट की सुविधा बंद कर दी थी। इसके बाद मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात यह रहे कि टेस्ट के लिए सैंपल नहीं लिए जाने के कारण मरीजों को कभी सरकारी तो कभी क्रस्ना लैब के चक्कर काटने पड़े। थक-हारकर मरीजों को निजी लैब में महंगे दाम पर टेस्ट करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सरकारी अस्पतालों में निशुल्क मिलने वाली सुविधाओं के लिए उन्हें निजी लैब में पैसे खर्च करने पड़े। इस कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को भी अस्पतालों में यही स्थिति बनी रही। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों को हुई। भर्ती होने के बाद भी उन्हें जरूरी टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ा।
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रिएजेंट्स खरीदने में आ रही थी दिक्कत
सरकार के पास क्रस्ना लैब के करोड़ों रुपये बकाया होने के कारण कंपनी को रिएजेंट्स (टेस्ट में इस्तेमाल होना वाला पदार्थ) खरीदने में भी परेशानी आ रही थी। इस वजह से अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में रिएजेंट्स की कमी खल रही थी। सरकार की ओर से बकाया बिलों के भुगतान करने के आश्वासन के बाद क्रस्ना लैब ने सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि जिन कंपनियों से टेस्ट के लिए जरूरी सामान और रिएजेंट्स खरीदे जाते हैं, वे भी समय पर आपूर्ति नहीं कर पा रही थीं।
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