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आईजीएमसी में 5 घंटे तक डॉक्टरों ने नहीं देखा मरीज, गई जान
Fri, 09 Oct 2020 12:34 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 09 Oct 2020 12:34 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आईजीएमसी के आपातकालीन विभाग में इलाज करवाने आई एक महिला मरीज को पांच घंटे तक डॉक्टरों ने उपचार नहीं दिया। इसके चलते उसकी मौत हो गई है। मामला जब उजागर हुआ तो आईजीएमसी प्रबंधन ने इस मामले पर जांच बैठा दी। मामला मंगलवार रात का बताया जा रहा है।
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जुन्गा तहसील के कोटी गांव के रहने वाले राजू की मां की देर रात तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें चायल अस्पताल ले गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को आईजीएमसी रेफर किया। रात 12 बजे के करीब मरीज अस्पताल पहुंची।
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लेकिन यहां पर किसी भी डॉक्टर ने महिला को नहीं देखा। महिला के बेटे राजू ने सोशल मीडिया पर आईजीएमसी प्रबंधन पर कई तरह के आरोप लगाए। बेटे ने बताया कि करीब 5 घंटे तक उसकी मां को अस्पताल में नहीं देखा गया।
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उधर, मरीज की तबीयत जब ज्यादा खराब हुई तो वह डॉक्टर को बुलाने गया। लेकिन उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सोते नजर आए। बाद में जब डॉक्टर आए, तब तक मरीज की मौत हो गई थी। बेटे ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही से ऐसा हुआ है।
उन्होंने बताया कि रात के समय कोई भी सीनियर डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं होता है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आगे ऐसा किसी मरीज के साथ न हो, इसके लिए वह मामले की जांच कराएं।
उधर, आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि जांच बैठा दी है। मेडिसन विभाग के अध्यक्ष को मामले से संबंधित जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रशासन के पास अभी तक किसी भी तरह की लिखित में शिकायत नहीं आई है।