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Shimla News: जिला परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव आज, निर्दलीय बनेंगे किंगमेकर
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बचत भवन में वीरवार सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया
102 दिन बाद जिला परिषद को मिलेंगे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने किए जीत के दावे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला परिषद शिमला को 102 दिन बाद आखिरकार वीरवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिलने वाले हैं। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार सुबह 10:30 बजे बचत भवन में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए जाएंगे।
इसके लिए सभी सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। सभी को चुनाव प्रक्रिया के लिए तय समय पर पहुंचने के लिए कहा गया है। जिला प्रशासन ने बुधवार शाम चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर दी हैं। बचत भवन में चुनाव के लिए मतपेटियां भी रखी जा रही हैं। 31 मई और पहली जून को जारी हुए जिला परिषद के चुनाव के नतीजों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। कुल 25 सदस्यों वाले जिला परिषद शिमला में बहुमत के लिए 13 सदस्यों का आंकड़ा छूने के लिए कांग्रेस और भाजपा को अब निर्दलीयों का सहारा है। जिला परिषद चुनाव जीतकर आए चार निर्दलीय वीरवार को होने वाले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले हैं। जिस पार्टी को भी इनका समर्थन मिलेगा, वह जीत हासिल कर लेगी। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय की लॉटरी लगना लगभग तय है। अभी पलड़ा भाजपा का भारी है। पार्टी के पास 11 सदस्यों के साथ दो निर्दलीयों का समर्थन है। हालांकि, वीरवार को होने वाले चुनाव में क्रॉस वोटिंग का भी अंदेशा है। ऐसे में कौन सी पार्टी जिला परिषद पर कब्जा जमाती है, इस पर वीरवार दोपहर तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अभी दोनों ही पार्टियां अपनी अपनी जीत के दावे कर रही हैं।
इस बार 50 फीसदी सदस्य
आने पर भी हो जाएंगे चुनाव
जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के लिए अगस्त के पहले हफ्ते में भी बैठक बुलाई गई थी। उस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सदस्यों ने बैठक से किनारा कर लिया था। अब यह जिला परिषद की दूसरी बैठक होगी। नियमानुसार इस बार 50 फीसदी यानी 13 सदस्य आने पर भी कोरम पूरा माना जाएगा। इसके आधार पर चुनाव भी करवा दिए जाएंगे। चुनाव टाले जाने से जुड़ा मामला प्रदेश हाईकोर्ट में भी विधाराधीन है। कोर्ट के आदेश पर ही वीरवार को चुनाव करवाए जा रहे हैं। भाजपा ने भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव टाले जाने को लेकर सवाल उठाए थे।
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अहम इनसेट
आंकड़ों में समझें जिला परिषद चुनाव
- 25 सदस्य हैं इस बार शिमला जिला परिषद में
- 13 सदस्यों के मत चाहिए बहुमत पाने के लिए
- 11 सदस्य हैं भाजपा के पास, दो निर्दलीय का भी दावा
- 10 सदस्य हैं कांग्रेस के साथ, दो निर्दलीय का सहारा
अहम इनसेट
रेटका को दूसरी बार क्रॉस वोटिंग की उम्मीद
कांग्रेस बहुमत की स्थिति में सुरेंद्र रेटका को अपना अध्यक्ष बनाने जा रही है। उनका नाम लगभग तय है। रेटका को ही पार्टी ने निर्दलीय को अपने पाले में खींचने का भी जिम्मा दिया है। तीसरी बार चुनाव जीते रेटका को इस बार भी क्रॉस वोटिंग की उम्मीद है। रेटका पिछले जिला परिषद चुनाव में उपाध्यक्ष चुने गए थे। उस समय भी क्रॉस वोटिंग के चलते रेटका को कुल 17 वोट मिले थे। वहीं अध्यक्ष पद पर चुनी गई उन्हीं की पार्टी की चंद्रप्रभा नेगी को 15 मत पड़े थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय को मौका दे सकती है। भाजपा भी इसी तर्ज पर उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय को उतार सकती है।
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102 दिन बाद जिला परिषद को मिलेंगे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने किए जीत के दावे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला परिषद शिमला को 102 दिन बाद आखिरकार वीरवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिलने वाले हैं। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार सुबह 10:30 बजे बचत भवन में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए जाएंगे।
इसके लिए सभी सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। सभी को चुनाव प्रक्रिया के लिए तय समय पर पहुंचने के लिए कहा गया है। जिला प्रशासन ने बुधवार शाम चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर दी हैं। बचत भवन में चुनाव के लिए मतपेटियां भी रखी जा रही हैं। 31 मई और पहली जून को जारी हुए जिला परिषद के चुनाव के नतीजों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। कुल 25 सदस्यों वाले जिला परिषद शिमला में बहुमत के लिए 13 सदस्यों का आंकड़ा छूने के लिए कांग्रेस और भाजपा को अब निर्दलीयों का सहारा है। जिला परिषद चुनाव जीतकर आए चार निर्दलीय वीरवार को होने वाले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले हैं। जिस पार्टी को भी इनका समर्थन मिलेगा, वह जीत हासिल कर लेगी। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय की लॉटरी लगना लगभग तय है। अभी पलड़ा भाजपा का भारी है। पार्टी के पास 11 सदस्यों के साथ दो निर्दलीयों का समर्थन है। हालांकि, वीरवार को होने वाले चुनाव में क्रॉस वोटिंग का भी अंदेशा है। ऐसे में कौन सी पार्टी जिला परिषद पर कब्जा जमाती है, इस पर वीरवार दोपहर तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अभी दोनों ही पार्टियां अपनी अपनी जीत के दावे कर रही हैं।
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इस बार 50 फीसदी सदस्य
आने पर भी हो जाएंगे चुनाव
जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के लिए अगस्त के पहले हफ्ते में भी बैठक बुलाई गई थी। उस समय भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सदस्यों ने बैठक से किनारा कर लिया था। अब यह जिला परिषद की दूसरी बैठक होगी। नियमानुसार इस बार 50 फीसदी यानी 13 सदस्य आने पर भी कोरम पूरा माना जाएगा। इसके आधार पर चुनाव भी करवा दिए जाएंगे। चुनाव टाले जाने से जुड़ा मामला प्रदेश हाईकोर्ट में भी विधाराधीन है। कोर्ट के आदेश पर ही वीरवार को चुनाव करवाए जा रहे हैं। भाजपा ने भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव टाले जाने को लेकर सवाल उठाए थे।
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आंकड़ों में समझें जिला परिषद चुनाव
- 25 सदस्य हैं इस बार शिमला जिला परिषद में
- 13 सदस्यों के मत चाहिए बहुमत पाने के लिए
- 11 सदस्य हैं भाजपा के पास, दो निर्दलीय का भी दावा
- 10 सदस्य हैं कांग्रेस के साथ, दो निर्दलीय का सहारा
अहम इनसेट
रेटका को दूसरी बार क्रॉस वोटिंग की उम्मीद
कांग्रेस बहुमत की स्थिति में सुरेंद्र रेटका को अपना अध्यक्ष बनाने जा रही है। उनका नाम लगभग तय है। रेटका को ही पार्टी ने निर्दलीय को अपने पाले में खींचने का भी जिम्मा दिया है। तीसरी बार चुनाव जीते रेटका को इस बार भी क्रॉस वोटिंग की उम्मीद है। रेटका पिछले जिला परिषद चुनाव में उपाध्यक्ष चुने गए थे। उस समय भी क्रॉस वोटिंग के चलते रेटका को कुल 17 वोट मिले थे। वहीं अध्यक्ष पद पर चुनी गई उन्हीं की पार्टी की चंद्रप्रभा नेगी को 15 मत पड़े थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय को मौका दे सकती है। भाजपा भी इसी तर्ज पर उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय को उतार सकती है।