पेपर लीक मामला: पूर्व सचिव के चालक की कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी, एसआईटी ने की तैयारी
एसआईटी ने करीब पांच माह की लंबी जांच पड़ताल के बाद चालक को पोस्ट कोड 817 जेओए आईटी पेपर लीक मामले में नामजद किया है।
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भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर के बाद अब उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी ने जाल बिछा दिया है। पूर्व सचिव शुरू से एसआईटी के निशाने पर रहा है। हर बार वह अपने गुनाह को छिपाने का प्रयास करता रहा। यही वजह है कि बिना मामला दर्ज हुए ही वह एक बार प्रदेश उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगा चुका था। इस बार उसका एसआईटी से बचना मुश्किल है। एसआईटी ने करीब पांच माह की लंबी जांच पड़ताल के बाद चालक को पोस्ट कोड 817 जेओए आईटी पेपर लीक मामले में नामजद किया है। एसआईटी के पास पुख्ता सबूत हैं कि वाहन चालक की पेपर लीक मामले में पूरी भूमिका रही है। यह वाहन चालक जेओए आईटी भर्ती में खुद भी अभ्यर्थी रहा है।
सोमवार को एसआईटी ने पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर, उसके वाहन चालक, निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, दो चपरासियों मदन लाल और किशोरी लाल और दलाल संजीव कुमार समेत चार अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब इस मामले में जांच अधिकारी की नियुक्ति करने के बाद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि उमा आजाद, दलाल संजीव कुमार और दोनों चपरासी न्यायिक हिरासत में हैं। लेकिन बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी शुरू हो गई है। उधर, एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि पोस्ट कोड 817 जेओए आईटी पेपर लीक मामले में जल्द ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।