पचायत चुनाव: पहले ही दिन सैकड़ों ने ठोकी चुनावी ताल
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प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन सैकड़ों उम्मीदवारों ने चुनावी ताल ठोकी। प्रदेश भर में जिला परिषद के लिए 97 और बीडीसी के लिए 473 नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
ग्राम पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और सदस्यों के पदों के लिए भी सैकड़ों नामांकन पंचायत मुख्यालयों में भरे गए, जबकि जिला परिषद सदस्यों के लिए एसडीएम कार्यालयों और बीडीसी के सदस्यों के लिए ब्लॉक कार्यालयों में नामांकन भरे गए।
16 और 17 दिसंबर को भी नामांकन पत्र भरे जाएंगे। कोई भी उम्मीदवार नामांकन भर सकता है। अगर उसे पंचायतीराज चुनाव अधिनियम 1994 की धारा-122 के तहत अयोग्य घोषित नहीं किया गया है। सब रूल-1 के तहत प्रस्तुत किया गया नामांकन पत्र फार्म - 19 पर भरा जाएगा।
कोई भी उम्मीदवार खुद या प्रपोजर के माध्यम से नामांकन पत्र भर सकेगा। चार से ज्यादा नामांकन पत्रों को एक ही निर्वाचन क्षेत्र में पेश नहीं किया जाएगा। जिस व्यक्ति को वोट देने का अधिकार नहीं है, वह नामांकन पत्र को भरने के लिए योग्य घोषित नहीं किया जाएगा।
पंचायत सदस्य के लिए 100 रुपये सिक्योरिटी
किसी भी ग्राम पंचायत से सदस्य को 100 रुपये की सिक्योरिटी जमा करनी होगी। जहां उम्मीदवार एक महिला है। अनुसूचित जाति की सदस्य है या अनुसूचित जाति या जनजाति से है तो उसे 50 रुपये की सिक्योरिटी जमा करनी होगी। ग्राम पंचायत के प्रधान और उपप्रधान की स्थिति में 150 रुपये की सिक्योरिटी देनी होगी, जबकि महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए 75 रुपये की ही जमानत देनी होगी।
पंचायत समिति सदस्य के उम्मीदवार के तौर पर 150 रुपये की सिक्योरिटी देंगे। महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 75 रुपये की जमानत देनी होगी। जिला परिषद के सदस्य से 200 रुपये, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग उम्मीदवार के रूप में 100 रुपये की सिक्योरिटी देनी होगी।
पहली बार देना होगा एंटी नारकोटिक्स का शपथपत्र
नामांकन पत्र में इस बार नारकोटिक्स यानी भांग-अफीम का इस्तेमाल नहीं करने का शपथपत्र पहली बार देना होगा। शपथपत्र में यह लिखकर देना होगा कि उम्मीदवार न तो भांग या अफीम का इस्तेमाल ही करना होगा। न ही इसका इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा इस बार अलग से 18(ए) नाम से नया फार्म नो ड्यूज का भी जोड़ा गया है। पहले इसे साधारण तरीके से लिखकर ही दिया जाता था।
कहां से कितने नामांकन
जिला========बीडीसी====जिला परिषद
शिमला=======6========18
हमीरपुर======57========8
सोलन=======44========8
मंडी=========119=======19
कुल्लू========26========16
ऊना========59=========3
सिरमौर======22=========7
किन्नौर=======2=========2
चंबा========85=========8
बिलासपुर=====53========8
पति के प्रमाणपत्र पर चुनाव नहीं लड़ सकेगी पत्नी
पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने वाले सगे रिश्तेदारों को जाति से लेकर हिमाचली होने तक के सभी प्रमाण अलग-अलग देने होंगे। पति के प्रमाण पर पत्नी को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिलेगा। राज्य चुनाव आयोग से इस संबंध में अधिसूचना जारी हो चुकी है। इस अधिसूचना के मुताबिक परिवार में जाति प्रमाणपत्र तक मान्य नहीं होंगे।
गौरतलब है कि पंचायत स्तर पर आरक्षण के आधार पर चुनाव होने हैं और चुनाव में हिस्सा लेने वाले को जाति प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, अवैध कब्जों के शपथपत्र और पूर्व में पंचायत प्रतिनिधि रह चुके लोगों के लिए नो ड्यूज के प्रमाणपत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे। प्रमाणपत्रों में गलती पाए जाने पर उम्मीदवार को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
जिन वार्ड या पंचायतों में महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं, उनमें सभी महिलाओं को प्रमाणपत्र अपने नाम से बनवाने होंगे। जिला पंचायत अधिकारी एमएस नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि एक प्रमाणपत्र दूसरे के नाम पर दर्ज नहीं होगा। यदि महिला चुनाव लड़ रही है तो उसे जाति प्रमाण से अवैध कब्जों तक के शपथपत्र अपने नाम से ही बनाने होंगे।
पति के नाम पर बने प्रमाणपत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिसूचना जारी हो चुकी है। पंचायतों में उम्मीदवारों को भी जागरूक किया जा रहा है। चुनाव अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।