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Shimla News: पहाड़ी लघु चित्रकला बनी आकर्षण का केंद्र
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गेयटी टेवरन हॉल में चित्रकला प्रदर्शनी शुरू
100 से 50 हजार रुपये तक के चित्र किए हैं प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में शुक्रवार से द कनवर्जेंस चित्रकला प्रदर्शनी शुरू हुई। 29 अक्तूबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े सात स्थानीय कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं।
प्रदर्शनी में पारंपरिक पहाड़ी लघु चित्रकला (ट्रेडिशनल पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग) के साथ धार्मिक और पारंपरिक विषयों पर आधारित चित्र आकर्षण का केंद्र हैं। कलाकारों ने अपनी कृतियों में राधा-कृष्ण, रामायण और महाभारत से जुड़े प्रसंगों को रंगों के माध्यम से उकेरा है। इसके अलावा हिमाचल की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक स्मारकों को भी चित्रों के जरिये दर्शाया है। इनकी कीमत 100 रुपये से शुरू होकर 50 हजार रुपये तक है। चित्रकला के साथ कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता को दर्शाते हुए कला व शिल्प (आर्ट एंड क्राफ्ट) से जुड़ी वस्तुएं भी तैयार की हैं। इसमें हैंडमेड कैंडल, क्ले से बने फ्रिज मैग्नेट सहित अन्य डेकोरेशन की चीजें शामिल है।
प्रदर्शनी के माध्यम से कला प्रेमियों को यहां पारंपरिक चित्रों के साथ हस्तनिर्मित कलाकृतियां देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं जिसमें संयोगिता ठाकुर, श्यामा शर्मा, सारिका ठाकुर, विक्रम सिंह, गीतांजलि ठाकुर, पुनीत और पूजा की कलाकृतियां शामिल हैं। प्रदर्शनी की आयोजक श्यामा शर्मा ने बताया कि कलाकारों का उद्देश्य केवल चित्रों का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि हिमाचल की लोक परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक धरोहरों को कला के माध्यम से संरक्षित और प्रचारित करना भी है। गेयटी में आयोजित यह प्रदर्शनी स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देने के साथ ही कला प्रेमियों को पहाड़ी चित्रकला की विविधता से रूबरू करवा रही है।
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100 से 50 हजार रुपये तक के चित्र किए हैं प्रदर्शित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में शुक्रवार से द कनवर्जेंस चित्रकला प्रदर्शनी शुरू हुई। 29 अक्तूबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े सात स्थानीय कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं।
प्रदर्शनी में पारंपरिक पहाड़ी लघु चित्रकला (ट्रेडिशनल पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग) के साथ धार्मिक और पारंपरिक विषयों पर आधारित चित्र आकर्षण का केंद्र हैं। कलाकारों ने अपनी कृतियों में राधा-कृष्ण, रामायण और महाभारत से जुड़े प्रसंगों को रंगों के माध्यम से उकेरा है। इसके अलावा हिमाचल की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक स्मारकों को भी चित्रों के जरिये दर्शाया है। इनकी कीमत 100 रुपये से शुरू होकर 50 हजार रुपये तक है। चित्रकला के साथ कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता को दर्शाते हुए कला व शिल्प (आर्ट एंड क्राफ्ट) से जुड़ी वस्तुएं भी तैयार की हैं। इसमें हैंडमेड कैंडल, क्ले से बने फ्रिज मैग्नेट सहित अन्य डेकोरेशन की चीजें शामिल है।
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प्रदर्शनी के माध्यम से कला प्रेमियों को यहां पारंपरिक चित्रों के साथ हस्तनिर्मित कलाकृतियां देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं जिसमें संयोगिता ठाकुर, श्यामा शर्मा, सारिका ठाकुर, विक्रम सिंह, गीतांजलि ठाकुर, पुनीत और पूजा की कलाकृतियां शामिल हैं। प्रदर्शनी की आयोजक श्यामा शर्मा ने बताया कि कलाकारों का उद्देश्य केवल चित्रों का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि हिमाचल की लोक परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक धरोहरों को कला के माध्यम से संरक्षित और प्रचारित करना भी है। गेयटी में आयोजित यह प्रदर्शनी स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देने के साथ ही कला प्रेमियों को पहाड़ी चित्रकला की विविधता से रूबरू करवा रही है।
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