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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Padma Vibhushan Ratan Tata studied in Bishop Cotton School of Shimla

Ratan Tata Death: टाटा परिवार का शिमला के इस प्रतिष्ठित स्कूल से भी रहा नाता, जानिए कैसे

Thu, 10 Oct 2024 05:48 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Oct 2024 05:48 PM IST
सार

पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा का निधन दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में रात साढ़े 11 बजे हुआ। रतन टाटा दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में से एक थे। 

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Padma Vibhushan Ratan Tata studied in Bishop Cotton School of Shimla
पद्म विभूषण रतन टाटा(फाइल) - फोटो : Instagram/@RatanTata

विस्तार

टाटा समूह के मानद चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने बुधवार देर दुनिया को अलविदा कह दिया। 86 वर्ष की उम्र में उनका निधन मुंबई के एक अस्पताल में हुआ। पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा का निधन दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में  हुआ। रतन टाटा दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में से एक थे। उनके पास 30 से ज्यादा कंपनियां थीं। यह कंपनियां छह महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में फैली थीं। इसके बावजूद वह एक सादगीपूर्ण जीवन जीते थे।

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पदम विभूषण रत्न टाटा और उनके परिवार का शिमला के बिशप कॉटन स्कूल (बीसीएस) से नाता रहा है। रत्न टाटा के चाचा आरडी टाटा 1952 में स्कूल के कैप्टन रहे हैं। इनका नाम स्कूल कैप्टन के बोर्ड पर अंकित है। वहीं रत्न टाटा भी इस स्कूल में कुछ समय तक पढ़े हैं। टाटा परिवार का 1940 के दशक के बाद स्कूल में आना जाना रहा है। स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी परवीन धर्मा ने माना कि आरडी टाटा इस स्कूल से पढ़े हैं। वहीं रत्न टाटा ने भी कुछ समय स्कूल में 1940 के दशक में पढ़ाई की है। हालांकि, इसके पुख्ता प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
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स्कूल के पूर्व छात्र और विख्यात लेखक रस्किन बांड के संस्मरणों में भी बीसीएस में टाटा परिवार के आने और आरडी टाटा का उल्लेख मिलता है। रत्न टाटा की ऑनलाइन उपलब्ध बायोग्राफी में उनकी स्कूली शिक्षा बीसीएस से भी करने का जिक्र है। परवीन धर्मा ने कहा कि स्कूल को गर्व है कि यहां से बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाली हस्तियां पढ़कर निकली हैं। उन्होंने सफल उद्योगपति और ईमानदार छवि वाले रत्न टाटा के आकस्मिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की।
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बीसीएस में ये हस्तियां भी पढ़ीं
बीसीएस से प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह, लेखक रस्किन बॉंड, रॉ के चीफ रहे एएस दुलत, प्रदेश सरकार के मौजूदा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा और क्रिकेट खिलाड़ी मयंक डागर सहित कई हस्तियां इस स्कूल से पढ़कर निकली हैं।  बता दें, बिशप कॉटन स्कूल न केवल देश में बल्कि पूरे एशिया महाद्वीप में सबसे बड़े स्कूलों में शुमार है। यह देश का पहला पब्लिक स्कूल था, जिसकी स्थापना सन 1859 में जॉर्ज एडवर्ड लिंच कॉटन ने की थी। बिशन कॉटन स्कूल का परिसर शिमला से करीब 4 किलोमीटर दूर 35 एकड़ में फैला है। 

रतन टाटा के निधन पर जताया शोक
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। पठानिया ने कहा कि रतन टाटा के निधन से पूरा देश शोकाकुल है। पठानिया ने कहा कि रतन टाटा ईमानदारी, नैतिक नेतृत्व तथा परोपकारी के प्रतीक थे।वे एक ऐसे आईकॉन थे, जो कॉरपोरेट ग्रोथ और राष्ट्र निर्माण के साथ उत्कृष्टता का मिश्रण किया था। पठानिया ने कहा कि रतन टाटा उद्योग जगत के अग्रदूत थे, जिनका इस दुनिया से जाना अपूरणीय क्षति है। पठानिया ने दिवंगत दिव्य आत्मा की शांति की प्रार्थना की है तथा परम पिता परमात्मा से उन्हें अपने चरणों में स्थान देने की कामना की है। विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने भी निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। 

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